मंत्री के दौरे की विधायकों को जानकारी नहीं देते अफसर:पंजाब के 3 अस्पतालों में गंभीर खामियां; विधानसभा कमेटी की रिपोर्ट में खुलासा




पंजाब सरकार द्वारा सरकारी अस्पतालों में सिस्टम को सुधारने के लिए बड़े प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन अस्पतालों में कई तरह की खामियां सामने आ रही हैं। 5 रुपए की साइकिल पार्किंग फीस की जगह 50 रुपए तक वसूली जा रही हैं। स्वास्थ्य मंत्री को इलाके के विधायक जानकारी न दे पाएं, इसके लिए अधिकारी विधायक को सूचित तक नहीं करते हैं। यह खुलासा विधानसभा की सरकारी कार्य संचालन कमेटी की 129वीं रिपोर्ट में हुआ है। रिपोर्ट में लुधियाना, मोहाली और पटियाला के सरकारी अस्पतालों की कार्यप्रणाली को लेकर कई गंभीर खामियां सामने आई हैं। कमेटी ने अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था, अव्यवस्थाओं, स्टाफ की कमी और बुनियादी सुविधाओं की स्थिति पर चिंता जताई है। लुधियाना सिविल अस्पताल के बारे में रिपोर्ट पार्किंग में अधिक वसूली: अस्पताल में साइकिल स्टैंड के लिए निर्धारित 5 रुपए की जगह 50 रुपए वसूले जाने का मामला सामने आया। कमेटी ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए जांच के निर्देश दिए हैं। नशामुक्ति केंद्र में बेड की कमी: इलाज के लिए रोजाना करीब 250 मरीज पहुंचते हैं, जबकि केंद्र में केवल 15 बेड उपलब्ध हैं। बेड और स्टाफ की कमी के कारण मरीजों के बीच अक्सर विवाद की स्थिति बनती है। पर्याप्त बेड न होने के कारण मरीजों को भर्ती किए बिना ही घर भेज दिया जाता है। लाइनों में खड़े मरीजों की तरफ स्टाफ का पर्याप्त ध्यान नहीं होने से बाहर रोजाना झगड़े होते हैं और शिकायतें दर्ज होती हैं। दौरे की जानकारी न देने का मामला: विधायक अशोक पराशर पप्पी ने कमेटी को बताया कि स्वास्थ्य मंत्री के दौरे के दौरान स्थानीय विधायक को इसकी जानकारी नहीं दी जाती। इससे अस्पताल की कमियों को सामने आने से रोकने को लेकर सवाल उठे हैं। माता कौशल्या अस्पताल, पटियाला
स्टाफ की कमी और जलभराव से मरीज परेशान लंबी कतारों की समस्या: माता कौशल्या अस्पताल, पटियाला अस्पताल में क्लेरिकल स्टाफ की कमी के कारण मरीजों को पर्ची बनवाने के लिए घंटों लाइन में खड़ा होना पड़ता है। इस समस्या को देखते हुए कमेटी ने चंडीगढ़ की तर्ज पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन पोर्टल शुरू करने की सिफारिश की है। बारिश में जलभराव: बरसात के दौरान अस्पताल के बाहर गंदा पानी जमा होने और सीवरेज ओवरफ्लो की समस्या सामने आई है। इससे एंबुलेंस के साथ-साथ गर्भवती महिलाओं और अन्य मरीजों को अस्पताल तक पहुंचने में परेशानी होती है। मुख्य गेट पर जाम: अस्पताल के मुख्य गेट पर ट्रैफिक जाम की समस्या को देखते हुए कमेटी ने राजिंद्रा तालाब की ओर स्थित पिछला गेट खोलने का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए हैं।



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