![]()
मध्य प्रदेश में 7 अगस्त से शुरू होने वाला मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान कलेक्टरों की परफॉर्मेंस और जिलों की रैंकिंग तय करेगा। राज्य सरकार अभियान के दौरान सभी 55 कलेक्टरों की संवेदनशीलता और जनता के बीच लोकप्रियता का भी मूल्यांकन करेगी। आने वाले दिनों में यह मूल्यांकन कलेक्टरों की पोस्टिंग और बड़े जिलों में पदस्थापना का आधार बन सकता है। सरकार का मूल्यांकन सिर्फ इस आधार पर नहीं होगा कि कितनी शिकायतों का निराकरण किया गया। यह भी देखा जाएगा कि संबंधित क्षेत्र में शिविर लगाने और भ्रमण के बाद लंबित शिकायतों में कितनी कमी आई। लोक सेवाओं के प्रदाय में कितना सुधार हुआ और जिले के आर्थिक विकास की गति कैसी रही, इसे भी मूल्यांकन में शामिल किया जाएगा। मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल ने 29 जुलाई को कलेक्टरों के साथ पहली वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की। इसमें बताया गया कि 7 अगस्त से 8 जनवरी तक चलने वाले जन विश्वास अभियान में कलेक्टरों की परफॉर्मेंस और जिलों की रैंकिंग को भी शामिल किया है। इसके बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव, विभागाध्यक्ष, संभागायुक्त, कलेक्टर और मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत को निर्देश जारी किए हैं। शिकायतों के निराकरण से आगे होगा मूल्यांकन
अभियान के जरिए जिलों के प्रदर्शन का मूल्यांकन किया जाएगा। इसमें केवल शिविर और कार्यक्रमों में सामने आई समस्याओं के निराकरण की संख्या नहीं देखी जाएगी। लंबित शिकायतों में कितनी कमी आई, इसे भी प्रमुख आधार बनाया जाएगा। शिविर लगाने और क्षेत्र में भ्रमण के बाद शिकायतों की स्थिति में कितना बदलाव आया, इसका आकलन किया जाएगा। साथ ही लोक सेवाओं के प्रदाय में सुधार को भी मूल्यांकन का हिस्सा बनाया गया है। लोक सेवा और आर्थिक विकास भी आधार
सरकार संस्थाओं का डीप एनालिसिस कर लोक सेवा प्रदाय में हुए सुधार का आकलन करेगी। इसके साथ जिले के आर्थिक विकास की गति यानी इकोनॉमिक ड्राइव को भी वैल्यूएशन के मापदंड में शामिल किया जाएगा। इसका मतलब है कि कलेक्टरों का मूल्यांकन केवल प्रशासनिक शिकायतों के निराकरण तक सीमित नहीं रहेगा। जिले में लोक सेवाओं की स्थिति और आर्थिक गतिविधियों में सुधार भी उनकी परफॉर्मेंस का हिस्सा होगा। रैंकिंग से तय होगी पोस्टिंग
जन विश्वास अभियान के दौरान किए गए मूल्यांकन के आधार पर जिलों की रैंकिंग तैयार की जाएगी। यही वैल्यूएशन कलेक्टरों की पोस्टिंग और बड़े जिलों में पदस्थापना के लिए आधार बन सकता है। राज्य सरकार इसी प्रक्रिया के जरिए कलेक्टरों की संवेदनशीलता और जनता के बीच उनकी लोकप्रियता का भी आकलन करेगी। अभियान की अवधि 7 अगस्त से 8 जनवरी तक रहेगी। अभियान में इन बातों पर भी ध्यान रखेंगे कलेक्टर
Source link
कलेक्टरों के परफॉर्मेंस, जिलों की रैंकिंग करेगी सरकार:मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान की कसौटी तय करेगी अफसरों की नई पोस्टिंग
