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संभल से समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने सड़कों पर नमाज और कांवड़ यात्रा को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि यदि कांवड़ यात्रा के लिए सड़कों के उपयोग की अनुमति है, तो नमाज के लिए भी वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए। सोमवार शाम 6 बजे संभल के थाना नखासा क्षेत्र स्थित अपने आवास पर बर्क ने कहा कि इस्लाम धर्म नशे को पूरी तरह हराम मानता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी अन्य धर्म या उसकी धार्मिक परंपराओं पर टिप्पणी करना नहीं है। मौलाना साजिद रशीदी के कथित बयान पर उन्होंने कहा कि यह उनका व्यक्तिगत विचार हो सकता है, लेकिन वह कांवड़ यात्रा पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे क्योंकि वह इसमें कभी शामिल नहीं हुए हैं। सांसद बर्क ने सड़कों पर नमाज अदा करने के मुद्दे पर कहा कि मुस्लिम समाज को सड़क पर नमाज पढ़ने में कोई खुशी नहीं होती। उन्होंने बताया कि मस्जिदों में पर्याप्त जगह न होने के कारण ईद, ईद-उल-फितर, ईद-उल-अजहा और जुमे की नमाज के दौरान लोग मजबूरीवश बाहर नमाज अदा करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार के साथ खिलवाड़ कर रही है। बर्क ने कहा कि लोकतांत्रिक और संवैधानिक व्यवस्था में सभी नागरिकों को समान धार्मिक अधिकार मिलने चाहिए। उनका कहना था कि यदि सरकार को सड़क पर नमाज से आपत्ति है, तो उसे नमाज अदा करने के लिए उपयुक्त स्थान उपलब्ध कराना चाहिए। उन्होंने राजनीतिक टिप्पणी करते हुए कहा कि जनता भविष्य में लोकतांत्रिक तरीके से अपना फैसला सुनाएगी और भाजपा का राजनीतिक ग्राफ लगातार नीचे जा रहा है।
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कांवड़ यात्रा की तरह नमाज के लिए हो वैकल्पिक व्यवस्था:सपा सांसद बर्क बोले- सड़क पर नमाज पढ़ने में कोई खुशी नहीं होती
