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गयाजी में पितृपक्ष मेले के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार बढ़ रही है। बुधवार को प्रेतशिला, रामशिला, सीताकुंड, देवघाट और विष्णुपद मंदिर समेत अलग-अलग पिंडदान स्थलों पर 3 लाख 95 हजार 400 श्रद्धालु पहुंचे। इसके साथ ही मेले के शुरू होने से अब तक गयाजी आने वाले श्रद्धालुओं, पिंडदानियों और तीर्थयात्रियों की संख्या 16 लाख 61 हजार 200 हो गई है। 13 हजार 357 लोगों ने ली मेडिकल सुविधा भीड़ के बीच प्रशासन की व्यवस्थाओं का दबाव भी बढ़ रहा है। बुधवार को 13 हजार 357 लोगों ने मेला क्षेत्र में बनाए गए मेडिकल सेंटरों पर इलाज कराया। मेले में भीड़ के बीच अपनों से बिछड़ने वालों को मिलाने का सिलसिला भी जारी है। बुधवार को खोया-पाया सेल ने 150 लोगों को उनके परिजनों से मिलाया। बच्चों और बुजुर्गों के बिछड़ने की आशंका को देखते हुए उनके हाथों में रिस्ट बैंड भी लगाए जा रहे हैं। बुधवार को 1,140 लोगों को रिस्ट बैंड लगाया गया। कंट्रोल रूम में 270 शिकायत दर्ज मेले की व्यवस्था को लेकर बुधवार को कंट्रोल रूम में 270 शिकायतें पहुंची। मेला शुरू होने से अब तक शिकायतों की संख्या 1,061 हो गई है। यानी भीड़ के साथ व्यवस्थाओं से जुड़ी शिकायतों का सिलसिला भी लगातार बना हुआ है। गांधी मैदान की टेंट सिटी में बुधवार को 851 तीर्थयात्रियों ने रात गुजारी। गंगाजल के 3,740 पैकेट बांटे श्रद्धालुओं के बीच बुधवार को 3,740 पैकेट गंगाजल वितरित किए गए। अब तक 16,321 पैकेट गंगाजल बांटे जा चुके हैं। वहीं, पूर्वजों की याद में पौधरोपण अभियान के तहत पितृवाटिका में बुधवार को 42 पौधे लगाए गए।
मेले में अलग-अलग भाषाएं बोलने वाले श्रद्धालुओं की मदद के लिए AI आधारित भाषा अनुवाद की सुविधा भी इस्तेमाल हो रही है। बुधवार को 16,478 यात्रियों को इस सुविधा से मदद मिली। अब तक 39,453 यात्रियों को भाषा संबंधी सहायता दी जा चुकी है।
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गयाजी में अब तक 16.61 लाख श्रद्धालुओं ने किया पिंडदान:बुधवार 3.95 लाख तीर्थ यात्री पहुंचे; AI तकनीक से 16 हजार यात्रियों की मदद, कंट्रोल रूम में 270 कंप्लेन
