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गयाजी में सेंट्रल ब्यूरो ऑफ नारकोटिक्स की टीम ने छापेमारी की। टीम ने भारी मात्रा में संदिग्ध दवाइयों को बरामद किया है। जांच अधिकारी सिद्धार्थ श्रीवास्तव के अनुसार, सीबीएन की टीम काफी समय से इस संदिग्ध नेटवर्क पर नजर रख रही थी। अधिकारियों का कहना है कि दवाओं की असलियत और गुणवत्ता की पुष्टि लैब रिपोर्ट आने के बाद ही होगी। मामला कोतवाली थाना क्षेत्र के मुरारपुर मोहल्ले का है। पहले भी हो चुकी हैं कई जगह छापेमारी
गयाजी में नकली दवाओं से जुड़ा यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी जांच एजेंसियों ने मानपुर, खजाहांपुर और बजाजा रोड जैसे इलाकों में ताबड़तोड़ छापेमारी की थी। बीते सप्ताह ही शहर के तीन स्थानों पर छापेमारी की गई थी। उन तीन में से दो ठिकानों पर नारकोटिक्स और एक ठिकाने पर ड्रग डिपार्टमेंट ने किया था। उन ठिकानों से भी बड़ी मात्रा में संदिग्ध दवाएं जब्त की गई थीं। उस समय की छापेमारी में अधिकारियों के हाथ एक बेहद महत्वपूर्ण डायरी भी लगी थी।
डायरी से खुलेंगे कई बड़े राज सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, बरामद डायरी में कई स्थानीय डॉक्टरों और प्रमुख अस्पतालों के नाम लिखे हैं। आशंका जताई जा रही है कि यह गिरोह इन्हीं डॉक्टरों और अस्पतालों में इन दवाओं की सप्लाई करता था। हालांकि, प्रशासन ने अभी इन नामों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। जांच एजेंसियां अब इस डायरी के जरिए पूरे सिंडिकेट की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं। यह पता लगाया जा रहा है कि यह गिरोह कब से चल रहा है। इसके तार कहां तक हैं। अंदाजा है कि इन संदिग्ध दवाओं का इस्तेमाल छोटे बच्चों के इलाज में भी किया जा रहा था। अगर यह बात सच साबित होती है, तो यह मासूम बच्चों की जान के साथ बड़ा खिलवाड़ है। नारकोटिक्स के अधिकारी श्रीवास्तव ने बताया कि बरामद की गई सभी दवाओं को जांच के लिए सरकारी प्रयोगशाला भेज जा रहा है।
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गयाजी में नारकोटिक्स की टीम ने की छापेमारी:भारी मात्रा में दवाइयां जब्त, मेडिसीन की क्वालिटी जांचने के लिए भेजा लैब
