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गोपालगंज में 15 शिक्षकों को किया सम्मानित:इनोवेटिव एक्टिविटीज से बच्चों का जीवन बदलने वाले गुरुओं का शिक्षक दिवस पर सम्मान




गोपालगंज के जिला समाहरणालय सभागार में शिक्षक दिवस पर एक सम्मान समारोह हुआ। इसमें 15 बेहतरीन शिक्षकों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाधिकारी समीर सौरभ ने की। यह समारोह डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती और शिक्षक दिवस के मौके पर आयोजित किया गया था। जिलाधिकारी समीर सौरभ, जिला शिक्षा अधिकारी और जिला कार्यक्रम अधिकारी (प्राथमिक शिक्षा एवं सर्व शिक्षा अभियान) ने डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र पर फूल चढ़ाकर और दीप जलाकर कार्यक्रम शुरू किया। इस दौरान स्कूल की छात्राओं ने स्वागत गीत गाया। इससे कार्यक्रम में अच्छा माहौल बना और शिक्षकों के लिए छात्रों का सम्मान दिखा। 15 बेहतरीन शिक्षकों को सम्मान के लिए चुना शिक्षा विभाग ने जिले के शिक्षकों से उनके नए शैक्षणिक कामों और अच्छे तरीकों के लिए आवेदन मांगे थे। जिले के अलग-अलग स्कूलों से 201 शिक्षकों ने अपने नए तरीकों के साथ आवेदन किया। मिले हुए आवेदनों की जांच और चुनाव के लिए जिला कार्यक्रम अधिकारी (प्राथमिक शिक्षा एवं सर्व शिक्षा अभियान) की अध्यक्षता में तीन सदस्यों वाली एक समिति बनाई गई। समिति ने तय नियमों और शिक्षकों के अच्छे कामों की जांच की। पूरी ईमानदारी से 15 बेहतरीन शिक्षकों को सम्मान के लिए चुना गया। स्मृति चिह्न और सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया चुने गए ये शिक्षक स्कूलों में सिर्फ किताबी पढ़ाई तक सीमित नहीं रहते हैं। वे बच्चों की रुचि, समझ, रचनात्मकता, भागीदारी और सीखने की क्षमता बढ़ाने के लिए कई नए शैक्षणिक तरीके अपनाते हैं। इन शिक्षकों की कोशिश है कि बच्चे पढ़ाई को सिर्फ परीक्षा की तैयारी न समझें। बल्कि वे करके सीखने वाले, प्रयोगों पर आधारित और मजेदार तरीकों से सीखने का मौका पाएं। नए प्रयोगों को दुसरे जिलों तक पहुंचाने की अपील शिक्षक स्थानीय चीजों, आसान पढ़ाई सामग्री, समूह में काम, रचनात्मक अभ्यास, डिजिटल माध्यमों और छात्रों की सक्रिय भागीदारी को पढ़ाई का हिस्सा बनाते हैं। समारोह में जिलाधिकारी समीर सौरभ और जिला शिक्षा अधिकारी ने चुने गए शिक्षकों को स्मृति चिह्न और सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया। इस मौके पर सम्मानित शिक्षकों से कहा गया कि वे अपने नए प्रयोगों और अच्छे कामों को जिले के दूसरे स्कूलों तक भी पहुंचाएं। ताकि एक स्कूल में सफल तरीका दूसरे स्कूलों के लिए प्रेरणा और सीखने का जरिया बन सके।



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