ग्वालियर में फर्जी दस्तावेज से मिलिट्री हॉस्पिटल में की नियुक्तियां:वैकेंसी निकली, न विज्ञापन जारी हुआ; स्टेनो ने पत्नी को बना दिया वार्ड सहायिका; मुख्यालय पहुंचा मामला




ग्वालियर के सेना के मिलिट्री अस्पताल में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नियुक्तियों का मामला सामने आया है। शिकायत सेना मुख्यालय तक पहुंच गई है। आरोप है कि बिना रिक्तियां निकाले और बिना पदों का विज्ञापन जारी किए पत्नी व रिश्तेदारों को नौकरी दी गई। भर्ती प्रक्रिया में कुछ अधिकारियों की संदिग्ध भूमिका होने का भी आरोप लगाया गया है। मामला उस समय सामने आया, जब सेना भर्ती फर्जीवाड़े से जुड़े एक व्यक्ति के पुत्र वंशप्रताप की पांचवीं कक्षा में कथित फर्जी जन्म प्रमाण पत्र के आधार पर हुई नियुक्ति की जांच के दौरान सेना अस्पताल की नियुक्तियों से जुड़े दस्तावेज सामने आए। 2013-14 की नियुक्तियों पर सवाल
शिकायत के अनुसार, सेना अस्पताल में पदस्थ स्टेनो संतोष कुमार ने वर्ष 2013-14 में अपनी पत्नी रामेश्वरी की वार्ड सहायिका पद पर नियुक्ति कराई। इसके लिए 19 सितंबर 2013 का नियुक्ति पत्र जारी होने का दावा किया गया है, लेकिन विभागीय रिकॉर्ड में यह पत्र उपलब्ध नहीं है। 2014 की आठ नियुक्तियां भी जांच के दायरे में
शिकायत में दावा किया गया है कि वर्ष 2014 में हुई आठ नियुक्तियों में भी फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया। इन नियुक्तियों की भी जांच की मांग की गई है। कमांडेंट बोले- मामला पुराना, मुख्यालय में लंबित
मिलिट्री अस्पताल के कमांडेंट ब्रिगेडियर गोपाल कृष्ण श्रीधर ने कहा कि यह मामला पुराना है।



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