Headlines

चंडीगढ़ में इंफोर्समेंट इंस्पेक्टर पर वेंडरों का हल्ला बोल:नहीं उठाने दिया सामान, सामान उठाने पर साथियों को बुलाया, शिकायत पर कार्रवाई नहीं




चंडीगढ़ सेक्टर-22 की शास्त्री मार्केट में अवैध तरीके से सामान लगाने वाले वेंडरों को हटाने पहुंचे नगर निगम के इंफोर्समेंट इंस्पेक्टर और उनकी टीम को वेंडरों ने सामान नहीं उठाने दिया। आरोप है कि वेंडरों ने इंस्पेक्टर के साथ बदतमीजी और गाली-गलौज की और हाथापाई तक उतर आए। इंस्पेक्टर ने मामले की लिखित शिकायत सेक्टर-22 चौकी पुलिस को दी है। शिकायत के साथ मौके की वीडियो भी पुलिस को सबूत के तौर पर दी गई है। हालांकि, शिकायत के बाद भी पुलिस की ओर से तत्काल कार्रवाई नहीं की गई। आरोप है कि वेंडर इसके बाद भी उसी जगह पर सामान लगाकर बैठ गए। अब जानिए कैसे हुआ पूरा विवाद… अवैध वेंडरों को हटाने पहुंची थी टीम: नगर निगम के इंफोर्समेंट इंस्पेक्टर ललित कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि शुक्रवार शाम उनकी ड्यूटी सेक्टर-22 स्थित शास्त्री मार्केट में लगी हुई थी। वह अपनी टीम के साथ मार्केट में अवैध तरीके से सामान लगाकर बैठे वेंडरों को हटाने के लिए पहुंचे थे। टीम का मकसद सार्वजनिक जगह पर लगाए गए सामान को हटाना और मार्केट में लोगों की आवाजाही सुचारु कराना था। निगम कर्मचारियों ने वेंडरों से सामान हटाने के लिए कहा, लेकिन कुछ वेंडरों ने सामान उठाने से साफ इनकार कर दिया। सामान उठाने पर साथियों को बुलाया: इंस्पेक्टर ललित कुमार के अनुसार, जब निगम की टीम ने वेंडरों को सामान हटाने के लिए कहा तो उन्होंने कार्रवाई का विरोध करना शुरू कर दिया। पहले वेंडरों ने सामान उठाने से मना किया और बाद में अपने कुछ अन्य साथियों को भी मौके पर बुला लिया। आरोप है कि कुछ ही देर में वहां वेंडरों की संख्या बढ़ गई। इसके बाद उन्होंने निगम कर्मचारियों के साथ बहस शुरू कर दी। मामला इतना बढ़ गया कि वेंडर कथित तौर पर निगम कर्मचारियों के साथ बदतमीजी और गाली-गलौज करने लगे। विरोध करते हुए हाथापाई की: ललित कुमार ने शिकायत में आरोप लगाया है कि वेंडरों ने निगम कर्मचारियों के साथ हाथापाई करने की कोशिश की। निगम टीम ने उन्हें समझाने का प्रयास किया और सरकारी कार्रवाई में सहयोग करने के लिए कहा, लेकिन वेंडर सामान हटाने के लिए तैयार नहीं हुए। आरोप है कि विवाद बढ़ने के कारण मौके पर स्थिति तनावपूर्ण हो गई। इसके बाद निगम की टीम को वहां से हटना पड़ा। इंस्पेक्टर का कहना है कि वेंडरों ने निगम की कार्रवाई को मौके पर ही रोक दिया और अपना सामान नहीं उठाया। पुलिस को वीडियो भी सौंपी: घटना के बाद इंस्पेक्टर ललित कुमार ने सेक्टर-22 चौकी पुलिस को लिखित शिकायत दी। शिकायत में पूरे घटनाक्रम की जानकारी देने के साथ मौके पर हुई कथित बदतमीजी और विवाद से संबंधित वीडियो भी पुलिस को सबूत के तौर पर दी गई। इंस्पेक्टर के अनुसार, वीडियो में मौके पर निगम कर्मचारियों और वेंडरों के बीच हुई बहस और विवाद को देखा जा सकता है। उनका कहना है कि टीम सरकारी ड्यूटी के तहत कार्रवाई करने पहुंची थी और इसके बावजूद कर्मचारियों को काम नहीं करने दिया गया। सरकारी ड्यूटी में बाधा डाला: इंस्पेक्टर ने शिकायत में आरोप लगाया है कि निगम की टीम को नियमों के तहत कार्रवाई करने से रोकना सरकारी काम में बाधा डालने जैसा है। उनका कहना है कि निगम की इंफोर्समेंट टीम लगातार सार्वजनिक जगहों पर अवैध तरीके से लगने वाले सामान और वेंडरों के खिलाफ कार्रवाई करती है। इसके बावजूद कुछ वेंडर कार्रवाई का विरोध करते हैं और कर्मचारियों पर दबाव बनाने की कोशिश करते हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का हवाला: ललित कुमार ने अपनी शिकायत में अवैध वेंडिंग को लेकर सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का भी हवाला दिया है। उनका कहना है कि सार्वजनिक जगहों पर अवैध तरीके से सामान लगाकर रास्ता रोकने या लोगों की आवाजाही प्रभावित करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। इसी के तहत निगम की टीम अवैध वेंडरों को हटाने के लिए मौके पर पहुंची थी। इंस्पेक्टर का आरोप है कि नियमों के तहत कार्रवाई करने के बावजूद वेंडरों ने कर्मचारियों के साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार किया और कार्रवाई नहीं होने दी। शिकायत के बाद सामान लगाते रहे: निगम इंस्पेक्टर का आरोप है कि घटना के बाद पुलिस को लिखित शिकायत दी गई, लेकिन इसके बावजूद वेंडरों के खिलाफ तत्काल कोई कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि शिकायत देने के बाद भी कुछ वेंडर उसी जगह पर दोबारा सामान लगाकर बैठ गए। इससे निगम कर्मचारियों में नाराजगी है। उनका कहना है कि अगर शिकायत के बाद पुलिस मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करती तो वेंडर दोबारा उसी जगह पर सामान लगाने से बचते। पुलिस कार्रवाई नहीं होने से बढ़े हौसले: निगम कर्मचारियों का आरोप है कि अवैध वेंडरों के खिलाफ कार्रवाई के दौरान कई बार विवाद की स्थिति बनती है। अगर ऐसे मामलों में पुलिस की ओर से समय पर कार्रवाई नहीं की जाती तो वेंडरों के हौसले बढ़ते हैं। इंस्पेक्टर का कहना है कि निगम कर्मचारी अपनी ड्यूटी कर रहे थे और टीम के साथ कथित तौर पर बदतमीजी व हाथापाई की गई। इसलिए शिकायत में लगाए गए आरोपों पर कार्रवाई जरूरी है। रोजाना हजारों लोग आते: सेक्टर-22 की शास्त्री मार्केट चंडीगढ़ की प्रमुख बाजारों में शामिल है। यहां रोजाना बड़ी संख्या में लोग खरीदारी करने आते हैं। मार्केट के आसपास सड़क और सार्वजनिक जगहों पर सामान लगने से कई बार पैदल चलने वाले लोगों और वाहन चालकों को परेशानी होती है। निगम की टीम इसी तरह के अवैध कब्जों और वेंडिंग को हटाने के लिए समय-समय पर कार्रवाई करती है। शुक्रवार को भी टीम इसी कार्रवाई के लिए पहुंची थी, लेकिन विवाद के बाद मामला पुलिस तक पहुंच गया। थाना प्रभारी ने जांच का दिया हवाला: मामले को लेकर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सुदेश कुमार ने कहा कि पुलिस को निगम इंस्पेक्टर की शिकायत मिली है। शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है। पुलिस को उपलब्ध कराई गई वीडियो को भी जांच का हिस्सा बनाया जाएगा। जांच के दौरान मौके पर मौजूद लोगों और संबंधित पक्षों से जानकारी ली जाएगी। जांच पूरी होने के बाद सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *