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बिहार मंत्रिपरिषद ने मधुबनी के सकरी और दरभंगा के रैयाम स्थित वर्षों से बंद पड़ी चीनी मिल परिसरों में नई सहकारी चीनी मिलों तथा गन्ना उपोत्पाद (बाय-प्रोडक्ट) आधारित उद्योगों की स्वीकृत परियोजना को मंजूरी दे दी है। मधुबनी विधानसभा क्षेत्र के विधायक माधव आनंद ने गुरुवार सुबह 8:00 बजे इस निर्णय का स्वागत किया। विधायक आनंद ने इसे मिथिलांचल के किसानों, युवाओं और आमजन के लिए एक ऐतिहासिक निर्णय बताया। उन्होंने कहा कि सकरी चीनी मिल केवल एक औद्योगिक इकाई नहीं, बल्कि मधुबनी की आर्थिक पहचान और हजारों किसान परिवारों की आजीविका का प्रमुख आधार रही है। इसके बंद होने से क्षेत्र की अर्थव्यवस्था पर व्यापक असर पड़ा था। माधव आनंद ने बताया कि वर्ष 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव परिणाम घोषित होने के तुरंत बाद उन्होंने सकरी चीनी मिल के पुनर्जीवन को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल किया था। पिछले आठ महीनों के दौरान उन्होंने गन्ना उद्योग मंत्री और बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से कई बार मुलाकात कर इस विषय पर विशेष आग्रह किया। उन्होंने बिहार विधानसभा के प्रत्येक सत्र में सकरी और लोहट चीनी मिल के पुनर्जीवन का मुद्दा लगातार उठाया। विधायक ने अपनी राजनीति को पारदर्शिता और जवाबदेही पर आधारित बताया। उन्होंने कहा कि विधानसभा में उठाए गए प्रश्नों, संबंधित मंत्रियों एवं मुख्यमंत्री से हुई बैठकों तथा दिए गए ज्ञापनों की जानकारी उन्होंने समय-समय पर मीडिया के माध्यम से सार्वजनिक की है। माधव आनंद ने कहा कि बिहार मंत्रिपरिषद का यह निर्णय दर्शाता है कि जनहित के मुद्दों को गंभीरता और निरंतरता से उठाने पर सकारात्मक परिणाम अवश्य मिलते हैं।
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चीनी मिल परियोजना को कैबिनेट की मंजूरी:मधुबनी के सकरी और दरभंगा के रैयाम मिल को मिली हरी झंडी
