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छात्राओं ने नुक्कड़ नाटक से बताया गर्ल्स एजुकेशन का महत्व:अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस पर पाली में 154 बालिकाएं-25 टीचर सम्मानित




अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस पर शनिवार को पाली में 154 बालिकाओं और 25 शिक्षक-शिक्षिकाओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद जयपुर के दिशा-निर्देश पर समग्र शिक्षा (पाली) की ओर से रोटरी क्लब में हुआ। कार्यक्रम की थीम बाल विवाह का अंत और बालिकाओं के अधिकारों में निवेश रहा। छात्राओं ने अपनी प्रस्तुतियों से जागरूकता का संदेश दिया। नुक्कड़ नाटक के जरिए बालिका शिक्षा का महत्व समझाया और बताया कि बालिकाएं अब शादी करके घर में खाना बनाने, झाड़ू पोंछा करने तक ही सीमित नहीं हैं। उन्हें उच्च शिक्षित किया जाए तो वे टीचर, डॉक्टर, इंजीनियर, जिला कलेक्टर तक बन सकती हैं। समारोह का उद्देश्य बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति को समाप्त करना कार्यक्रम अधिकारी डॉ. कल्याण सिंह टेवाली ने बताया- कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी, समग्र शिक्षा, पाली देवाराम प्रजापत ने की। सीओ सिटी मंगलेश चुण्डावत मुख्य अतिथि रहीं। समारोह का उद्देश्य बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति को समाप्त करना, बालिकाओं के अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा बालिका शिक्षा और सशक्तीकरण को प्रोत्साहित करना रहा। सीओ सिटी चुण्डावत ने कहा- हर बालिका की अपनी पहचान होनी चाहिए। शिक्षा के माध्यम से बालिकाएं आत्मनिर्भर बनकर अपने लक्ष्य हासिल कर सकती हैं। बालिकाएं राजकोप सिटीजन ऐप से जुड़ें। उन्होंने बालिकाओं को सुरक्षा से संबंधित जानकारी भी दी। सशक्तीकरण पर आधारित मॉडल प्रदर्शित किए समारोह के दौरान कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की छात्राओं ने विभिन्न सांस्कृतिक एवं जागरूकता संबंधी प्रस्तुतियां दीं। छात्राओं ने बालिका शिक्षा और सशक्तीकरण पर आधारित मॉडल भी प्रदर्शित किए। प्रस्तुतियों के माध्यम से बाल विवाह के दुष्परिणामों और बालिकाओं को शिक्षा के समान अवसर उपलब्ध कराने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में पूर्व अतिरिक्त निदेशक नूतन बाला कपिला, जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक कानाराम बागोरिया, मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी दिलीप कर्मचंदानी, सहायक निदेशक दौलाराम मेघवाल, अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी चन्द्रेशपाल सिंह रातड़ी, तेज सिंह पंवार, राजेंद्र प्रसाद लक्षकार, सहायक निदेशक गजेंद्र दवे, ललित कुमार शर्मा तथा अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक शक्ति सिंह तंवर सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। मंच संचालन भरत रामावत ने किया।



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