Headlines

जामताड़ा में गैंगस्टर सुजीत सिन्हा का एनकाउंटर:साहिबगंज से धनबाद जेल शिफ्ट किया जा रहा था, बीच हाइवे भागने के दौरान मारा गया




साहिबगंज से धनबाद जेल शिफ्ट किए जा रहे कुख्यात गैंगस्टर सुजीत सिन्हा की पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, पुलिस टीम चार गाड़ियों के काफिले के साथ उसे दोपहर करीब तीन बजे साहिबगंज जेल से लेकर निकली थी। जब काफिला साहिबगंज-गोविंदपुर हाईवे पर जामताड़ा थाना क्षेत्र के सुपाईडीह गांव स्थित शंभु लाइन होटल के पास पहुंचा, तभी पुलिस की एक गाड़ी अचानक पंक्चर हो गई। इसके बाद सुजीत को दूसरी गाड़ी में शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू की गई। इसी दौरान उसने टॉयलेट जाने की बात कही। पुलिसकर्मियों ने जैसे ही उसे गाड़ी से उतारा, उसने अचानक एक जवान का हथियार छीन लिया और फायरिंग करते हुए भागने लगा। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने तत्काल जवाबी कार्रवाई की, जिसमें सुजीत सिन्हा को गोली लग गई और वह मौके पर ही ढेर हो गया। घटनास्थल पर पहुंची डॉक्टरों की टीम ने उसकी मौत की पुष्टि कर दी। सूचना मिलते ही जामताड़ा एसपी शंभु सिंह सहित कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। 2016 में चरम पर था उसका आतंक सुजीत सिन्हा का आपराधिक इतिहास काफी लंबा और खौफनाक रहा है। वर्ष 2016 के दौरान उसका आतंक चरम पर था, जब वह लगातार कारोबारियों से रंगदारी मांगने के साथ-साथ विरोध करने वालों की हत्या तक कर देता था। उसके बढ़ते प्रभाव को देखते हुए रांची पुलिस ने सख्ती दिखाई। जिसके बाद वह ओडिशा फरार हो गया था। हालांकि, बाद में उसे चिल्का झील के पास से गिरफ्तार कर लिया गया। तब से वह लगातार जेल में बंद था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, यह उसकी 16वीं बार जेल शिफ्टिंग थी। हर बार सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जाते थे। बावजूद इसके उसने इस बार भागने की कोशिश की। आज एफएसएल की टीम रांची से पहुंचेगी सोमवार यानी आज मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में जांच संबंधी सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी। इसके बाद शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा, जिसकी वीडियोग्राफी भी होगी। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा। वहीं रांची से एफएसएल टीम भी आज रांची से घटनास्थल पर पहुंचेगी। उधर, पुलिस के साथ अब सीआईडी भी इस मामले की जांच करेगी। जेल गया तो प्रेमिका-पत्नी ने संभाली कमान सुजीत के जेल जाने के बाद उसकी प्रेमिका प्रियंका ने गिरोह की कमान संभाल ली। वह सुजीत और शूटरों के बीच अहम कड़ी बन गई। प्रियंका का काम फंड मैनेजमेंट था। शूटरों को हथियार के लिए पैसे उपलब्ध कराना और उसके ठहरने और भागने के लिए सुरक्षित ठिकानों का इस्तेमाल करना था। प्रियंका की गिरफ्तारी के बाद गैंग की कमान सुजीत की पत्नी रिया सिन्हा ने संभाली। रंगदारी के पैसे रियल एस्टेट और शेल कंपनियों में लगाया। हथियार छीनकर भागने की कोशिश कर रहा था जिस गाड़ी में वह बैठा था, उसका टायर पंक्चर हो गया था। जिसके बाद उसे दूसरे गाड़ी में शिफ्ट किया जा रहा था। इस दौरान उसने एक जवान का हथियार छीनकर फायरिंग करने की कोशिश की। जवाबी फायरिंग में उसे गोली लगी। डाक्टरों को बुलाया गया। उसकी जांच कराई गई। डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। -शंभू कुमार सिंह, एसपी जामताड़ा



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *