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झारखंड के छात्रों की गूंज संसद तक:जगदंबिका का तंज- वहां छात्र सड़क पर, उनकी आवाज उठाने के बजाय विपक्ष सदन ठप कर रहा




झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी का आरोप लगाकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों की आवाज अब संसद तक पहुंच गई है। बुधवार को लोकसभा में पीठासीन जगदंबिका पाल ने प्रदर्शनकारी छात्रों का जिक्र कर विपक्ष पर निशाना साधा। वहीं, राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह के पीएम मोदी पर बयान को लेकर उपसभापति हरिवंश ने उन्हें बीच में टोक दिया। इस तरह दोनों सदनों में दिनभर हंगामा होता रहा। लोकसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू होते ही विपक्षी सांसद पोस्टर और तख्तियां लेकर वेल में पहुंच गए। हंगामा बढ़ा तो लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने नाराजगी जताई। कार्यवाही शुरू होने के करीब एक मिनट बाद ही सदन दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया। दोपहर 2 बजे सदन की बैठक फिर शुरू हुई, लेकिन हालात नहीं बदले। विपक्ष फिर वेल में पहुंच गया। हंगामे के बीच पीठासीन जगदंबिका पाल ने जरूरी दस्तावेज सदन के पटल पर रखवाए। इसके बाद बैंककार बही साक्ष्य विधेयक, 2026 ध्वनिमत से पारित हो गया। इसके बाद जगदंबिका पाल ने कहा कि झारखंड में छात्र अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन विपक्ष उनकी आवाज उठाने के बजाय संसद की कार्यवाही बाधित कर रहा है। उन्होंने सदस्यों से सदन की गरिमा बनाए रखने की अपील की। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष संसद नहीं चलने देना चाहता। कई विधेयक बिना चर्चा के पारित करना पड़ा। इसकी जिम्मेदारी विपक्ष पर है। रिजिजू ने कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और वाम दलों पर राम मंदिर का विरोध करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि संसद परिसर में उनके प्रदर्शन के लिए उन्हें देश से माफी मांगनी चाहिए। लगातार हंगामे के बाद लोकसभा की कार्यवाही 6 अगस्त सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। राज्यसभा में भी हुई नारेबाजी राज्यसभा की कार्यवाही भी सुबह 11 बजे शुरू हुई। सभापति सीपी राधाकृष्णन ने जरूरी दस्तावेज सदन के पटल पर रखवाए। शून्यकाल शुरू होते ही विपक्षी सदस्यों ने नारेबाजी शुरू कर दी। इस पर सभापति ने उन्हें नियमों का पालन करने की चेतावनी दी। हंगामे के चलते सुबह 11:23 बजे सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई। दोबारा बैठक शुरू होने पर प्रश्नकाल चला। शोर-शराबे के बीच सांसदों ने सरकार से सवाल भी पूछे। दोपहर 2 बजे सदन की कार्यवाही फिर शुरू हुई। इस दौरान उच्चतम न्यायालय (न्यायाधीश संख्या) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा हुई। विपक्ष प्रधानमंत्री की मौजूदगी की मांग को लेकर नारेबाजी करता रहा। चर्चा के दौरान आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने विधेयक से हटकर टिप्पणी करनी शुरू की। इस पर उपसभापति हरिवंश ने उन्हें टोका और कहा कि वे केवल विधेयक से जुड़े मुद्दे पर ही बोलें। बुधवार को भी संसद में हंगामा हावी रहा। लोकसभा ने शोर-शराबे के बीच बैंककार बही साक्ष्य विधेयक, 2026 पारित किया। वहीं, राज्यसभा में सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने वाले विधेयक पर चर्चा हुई। सरकार और विपक्ष के टकराव के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही बार-बार बाधित होती रही। वीडियो देखने के लिए ऊपर थंबनेल पर क्लिक करें…



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