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कोटपूतली में डांगावास हत्याकांड के सभी 40 आरोपियों को बरी किए जाने के फैसले के खिलाफ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। जिला कांग्रेस कमेटी (अनुसूचित जाति विभाग) के जिलाध्यक्ष तारा पूतली के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने राज्यपाल के नाम जिला कलेक्टर अपर्णा गुप्ता को ज्ञापन सौंपा। यह मामला 14 मई 2015 को नागौर जिले के डांगावास गांव में भूमि विवाद को लेकर 05 दलितों सहित 06 लोगों की हत्या से जुड़ा है। प्रदेश सरकार, सीबीआई पर उठाए सवाल ज्ञापन में बताया- 11 साल की लंबी सीबीआई जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद हाल ही में मेड़ता स्थित एससी/एसटी विशिष्ठ न्यायालय ने इस मामले में सभी 40 आरोपियों को बरी कर दिया है। कोर्ट के इस फैसले के बाद दलित समाज और कांग्रेस के अनुसूचित जाति विभाग में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। ज्ञापन सौंपने के बाद कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार और सीबीआई की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि अदालत की नजर में कोई दोषी नहीं है और सभी 40 आरोपी बरी हो चुके हैं, तो डांगावास में 05 दलितों सहित 06 बेकसूर लोगों की हत्या किसने की? नेताओं ने सवाल किया कि क्या दलितों के खून का कोई मोल नहीं है कि 11 साल बाद सिर्फ फाइलें बंद कर दी जाएं। राज्यपाल से हस्तक्षेप की मांग की कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राज्यपाल से इस गंभीर मामले में व्यक्तिगत हस्तक्षेप की मांग की। उन्होंने अपील की कि राज्य सरकार और सीबीआई को निर्देशित किया जाए कि वे इस फैसले के विधिक पहलुओं की गहन जांच कर तुरंत उच्च न्यायालय में पुनर्विचार याचिका या सक्षम अपील दायर करें। इसके साथ ही, जांच की कमियों की समीक्षा के लिए एक उच्च स्तरीय जांच कमेटी गठित करने और पीड़ित परिवारों को पूर्ण सुरक्षा व उचित वित्तीय मुआवजा सुनिश्चित कराने की भी मांग की गई। ये रहे मौजूद इस दौरान भूपसिंह पूतली, देशराज आर्य, नवीन आर्य, मनीष आर्य, आकाश वर्मा चतरपुरा, विकास मेहरा और हेमराज मेहरा सहित अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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डांगावास हत्याकांड: 40 आरोपी बरी होने पर कांग्रेस का प्रदर्शन:राज्यपाल के नाम कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, कमियों की समीक्षा के लिए कमेटी बनाने की मांग
