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जालंधर के नकोदर में स्थित विश्व प्रसिद्ध सूफी धार्मिक स्थल डेरा बाबा मुराद शाह जी का 66वां वार्षिक मेला आज (20 अगस्त) पूरी श्रद्धा, धार्मिक उत्साह और बंदिशों के बीच शुरू हो गया। इस बार यह प्रसिद्ध मेला अपने निर्धारित दो दिनों के बजाय केवल एक दिन के लिए ही आयोजित किया जा रहा है। बाद दोपहर डेरा ट्रस्ट के चेयरमैन और मशहूर पंजाबी गायक गुरदास मान ने मुख्य प्रबंधक कमेटी के सदस्यों और देश-विदेश से पहुंचे भारी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी में झंडा चढ़ाने की पवित्र रस्म अदा की। जैसे ही झंडे की रस्म पूरी हुई, पूरा पंडाल ‘बाबा मुराद शाह जी’ और ‘साईं गुलाम शाह जी’ के जयकारों और सूफी रंग में रंग गया। ‘पंजाब बंद’ के कारण मेले के कार्यक्रम में अचानक फेरबदल दरअसल, कल 21 अगस्त को विभिन्न संगठनों द्वारा बुलाए गए ‘पंजाब बंद’ के मद्देनजर डेरा ट्रस्ट ने बड़ा फैसला लिया है। दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा और यातायात संबंधी सुविधा को देखते हुए दो दिवसीय मेले को समेट कर केवल आज (20 अगस्त) एक दिन का ही कर दिया गया। डेरा प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि कल 21 अगस्त को डेरा परिसर के भीतर कोई भी धार्मिक रस्म, स्टेज प्रोग्राम या कव्वाली का आयोजन नहीं किया जाएगा।
एक दिन का मेला होने से उमड़ा जनसैलाब, लंगर और छबीलें सजीं मेले की अवधि घटने के कारण आज पहले और आखिरी दिन ही दरबार में संगत का भारी सैलाब उमड़ पड़ा। पंजाब के अलावा पड़ोसी राज्यों हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और विदेशों से भी भारी संख्या में संगत बाबा के दरबार में नतमस्तक होने और मन्नतें मांगने पहुंची। भीषण गर्मी और उमस के बावजूद श्रद्धालुओं के हौसले बुलंद दिखे। शहरवासियों और सेवादारों द्वारा संगत के लिए जगह-जगह ठंडे पानी की छबीलें और तरह-तरह के अटूट लंगर लगाए गए। अवधि घटने से छोटे दुकानदारों और व्यापारियों के चेहरे पर मायूसी भले ही श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर था, लेकिन मेला ग्राउंड में दुकानें और स्टॉल लगाने वाले छोटे व्यापारियों के चेहरों पर मायूसी साफ देखी गई। खिलौनों, खाने-पीने और अन्य सामानों की दुकानें सजाए बैठे दुकानदारों ने बताया कि वे पूरे साल इस मेले का इंतजार करते हैं। कई गरीब और छोटे व्यापारियों ने ब्याज पर उधार लेकर सामान खरीदा था। मेला दो दिन की बजाय सिर्फ एक दिन चलने के कारण उनकी आधी बिक्री भी नहीं हो पाएगी, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।
सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त, भारी वाहनों की शहर में नो-एंट्री मेले में उमड़ी भारी भीड़ को संभालने के लिए सिविल और पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए गए हैं। शहर के सभी एंट्री पॉइंटों (प्रवेश द्वारों) पर मजबूत बैरिकेडिंग की गई है ताकि कोई भी बड़ा वाहन मेला क्षेत्र में प्रवेश न कर सके। संगत की गाड़ियों और बसों को बाईपास के रास्ते सीधे निर्धारित पार्किंग स्टैंडों पर भेजा जा रहा है। यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने और अप्रिय घटनाओं को रोकने के लिए पूरे नकोदर शहर में भारी पुलिस बल और डेरे के स्वयंसेवक (वॉलिंटियर्स) मुस्तैदी से तैनात हैं। मेले की तश्वीरें
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डेरा बाबा मुराद शाह का 66वां वार्षिक मेला:'पंजाब बंद' के चलते 2 की जगह केवल 1 दिन का हुआ समागम, गुरदास मान ने चढ़ाया पवित्र झंडा
