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पाली में निकाय चुनाव को लेकर 24 घंटे कंट्रोल रूम:23 सितंबर तक आचार संहिता; भड़काऊ पोस्ट, बिना अनुमति सभा-रैली पर रोक




पाली में नगर निकाय चुनाव को लेकर प्रशासन ने जिला स्तरीय 24 घंटे का कंट्रोल रूम शुरू कर दिया है। 23 सितंबर तक निषेधाज्ञा लागू की गई है। कलेक्टर कार्यालय के कमरा नंबर 126 में बने नियंत्रण कक्ष में तीन पारियों में कर्मचारी तैनात रहेंगे। चुनाव के दौरान सार्वजनिक जगहों पर हथियार लेकर चलने और उनका प्रदर्शन करने, बिना अनुमति सभा-रैली निकालने के साथ सोशल मीडिया पर धार्मिक उन्माद, जातिगत द्वेष या दुष्प्रचार फैलाने वाली सामग्री साझा करने पर रोक रहेगी। तीन पारियों में 24 घंटे चलेगा कंट्रोल रूम जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. रविन्द्र गोस्वामी ने बताया – उप पंजीयन अधिकारी, पाली प्रथम शिवराज बावरी को नियंत्रण कक्ष का प्रभारी अधिकारी बनाया गया है। जिला परिषद के अतिरिक्त विकास अधिकारी मदन और सार्वजनिक निर्माण विभाग के अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी सोमप्रकाश को सहायक प्रभारी अधिकारी नियुक्त किया गया है। नियंत्रण कक्ष का फोन नंबर 02932-225380 है। 23 सितंबर तक हथियार लेकर चलने पर रोक नगर निगम पाली सहित जिले की नगरपालिकाओं में चुनाव को देखते हुए जिला मजिस्ट्रेट ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू की है। यह आदेश 19 अगस्त की मध्यरात्रि से 23 सितंबर 2026 तक प्रभावी रहेगा। आदेश के तहत सार्वजनिक स्थानों पर आग्नेय शस्त्र, विस्फोटक पदार्थ, तलवार, भाला, गंडासा, फरसा, चाकू, छुरी, लाठी सहित अन्य घातक और धारदार हथियार लेकर चलने या उनका प्रदर्शन करने पर प्रतिबंध रहेगा। अधिकृत पुलिस, सुरक्षा बल और संबंधित कर्मचारियों को इससे छूट दी गई है। सिख समुदाय को धार्मिक परंपरा के अनुसार कृपाण रखने की अनुमति रहेगी। भड़काऊ भाषण और सोशल मीडिया पोस्ट पर भी रोक चुनाव के दौरान साम्प्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने वाले भाषण, नारे, पोस्टर, पेम्पलेट और चुनावी सामग्री के प्रकाशन व प्रसार पर भी रोक रहेगी। सोशल मीडिया पर धार्मिक उन्माद, जातिगत द्वेष या दुष्प्रचार फैलाने वाली सामग्री साझा करना प्रतिबंधित रहेगा। बिना अनुमति सभा, रैली और जुलूस निकालने की भी अनुमति नहीं होगी। लाउडस्पीकर, एम्पलीफायर और अन्य ध्वनि प्रसारक यंत्रों के इस्तेमाल के लिए पहले से अनुमति लेना जरूरी होगा। शादी और शवयात्रा को छूट निषेधाज्ञा में विवाह समारोह और शवयात्रा को छूट दी गई है। हालांकि, इन आयोजनों में भी आदर्श आचार संहिता और निर्वाचन आयोग के निर्देशों की पालना करना अनिवार्य रहेगा।



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