Headlines

तलवंडी साबो में 12 साल बाद खुलेगा नशा मुक्ति केंद्र:9 अक्टूबर को विधायक बलजिंदर कौर करेंगी शुभारंभ, 10 बेड से शुरू होगी सुविधा




तलवंडी साबो के लोगों के लिए नशे की समस्या से जूझ रहे परिवारों को बड़ी राहत मिलने जा रही है। शहीद बाबा दीप सिंह सिविल अस्पताल परिसर में पिछले करीब 12 वर्षों से बंद पड़ा नशा मुक्ति केंद्र अब दोबारा शुरू होने जा रहा है। केंद्र को शुरू करने की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। 9 अक्टूबर यानि आज सुबह 10:30 बजे विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। तलवंडी साबो की विधायक प्रो. बलजिंदर कौर केंद्र का शुभारंभ करेंगी। कार्यक्रम में बठिंडा के डिप्टी कमिश्नर राजेश धीमान और सिविल सर्जन बठिंडा डा. तेपिदरजोत विशेष अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
एक माह में पूरा हुआ कायाकल्प
करीब 12 वर्षों से बंद पड़े केंद्र के भवन की हालत लंबे समय से खराब थी। स्वास्थ्य विभाग की ओर से इसे दोबारा शुरू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाए जाने के बाद भवन के नवीनीकरण का काम शुरू हुआ। पिछले करीब एक महीने से यहां युद्धस्तर पर काम किया गया। सीलन भरी दीवारों और जर्जर हिस्सों की मरम्मत के साथ केंद्र को साफ-सुथरा, हवादार और मरीजों के अनुकूल बनाया गया है। उपचार के लिए जरूरी जीवनरक्षक उपकरण भी स्थापित किए गए हैं। एसएमओ ने अधिकारियों से लगातार किया पत्राचार
सीनियर मेडिकल ऑफिसर (एसएमओ) तलवंडी साबो डॉ. रविकांत गुप्ता ने केंद्र को दोबारा शुरू करवाने के लिए स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क किया। विभागीय स्तर पर पत्राचार और अधिकारियों से मुलाकात के बाद केंद्र को फिर से शुरू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ी। भवन की मरम्मत और जरूरी सुविधाओं के लिए फंड भी जारी किया गया। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक केंद्र के दोबारा शुरू होने से तलवंडी साबो और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को नशा उपचार की सुविधा अपने क्षेत्र में ही उपलब्ध होगी। अब परिवारों को इलाज के लिए बठिंडा या अन्य शहरों के निजी केंद्रों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। 10 बेड से शुरुआत, आगे 20 तक विस्तार
शुरुआत में नशा मुक्ति केंद्र में 10 बेड की इनडोर सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। भविष्य में इसकी क्षमता बढ़ाकर 20 बेड तक करने की योजना है। केंद्र में मरीजों को चौबीस घंटे चिकित्सकीय निगरानी और उपचार उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है। ओपीडी से काउंसलिंग तक एक ही जगह सुविधा
केंद्र में केवल दवाइयों के जरिए इलाज तक सीमित व्यवस्था नहीं होगी, बल्कि मरीजों के मानसिक और सामाजिक पुनर्वास पर भी ध्यान दिया जाएगा। सिविल अस्पताल में पिछले कई वर्षों से सेवाएं दे रहे मनोचिकित्सक डॉ. अंकुर सिंगला उपचार व्यवस्था में अहम भूमिका निभाएंगे। मरीजों को ओपीडी, इनडोर उपचार और काउंसलिंग की सुविधा एक ही स्थान पर मिल सकेगी। इसके लिए जरूरी पैरामेडिकल स्टाफ और काउंसलर्स की व्यवस्था भी की गई है। नशे से जूझ रहे लोगों को मिलेगा स्थानीय स्तर पर इलाज
एसएमओ डॉ. रविकांत गुप्ता ने कहा कि नशा आज समाज के सामने गंभीर चुनौती है। नशे की लत से पीड़ित व्यक्ति को इलाज के साथ सही मार्गदर्शन और परिवार के सहयोग की भी जरूरत होती है। केंद्र के दोबारा शुरू होने से क्षेत्र के लोगों को नशामुक्ति उपचार की सुविधा नजदीक मिलेगी और मरीजों को समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना आसान होगा। स्वास्थ्य विभाग को उम्मीद है कि केंद्र के दोबारा शुरू होने से ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान को भी मजबूती मिलेगी और नशे की गिरफ्त में आए लोगों को इलाज के साथ सामान्य जीवन की ओर लौटने में मदद मिलेगी।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *