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मंडी में जयराम ठाकुर का सुक्खू सरकार का हमता:आपदा में खच्चरों के सहारे सड़कें, विकास ठप', जनता ने सत्ता से बाहर करने का मन बनाया




पूर्व मुख्यमंत्री एवं विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने करसोग में नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों के सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर तीखा जुबानी हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि हिमाचल प्रदेश की जनता वर्तमान सुक्खू सरकार से पूरी तरह तंग आ चुकी है और उसने आगामी चुनावों में कांग्रेस को सत्ता से बाहर करने का मन बना लिया है। उन्होंने कहा कि हाल ही में स्थानीय निकायों और पंचायती राज चुनावों में भाजपा को मिले जनसमर्थन के बाद अब आगामी विधानसभा चुनाव में जीत का अंतर दोगुना करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। “संस्थान बंद करने में जुटी सरकार, खच्चरों पर आईं सड़कें” भाजपा के वरिष्ठ नेता ने राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार नई जनकल्याणकारी योजनाएं शुरू करने के बजाय पूर्व भाजपा सरकार द्वारा जनहित में शुरू की गई पुरानी योजनाओं और खोले गए संस्थानों को बंद करने में जुटी है। आपदा के बाद की स्थिति पर बोलते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश भर में क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत तक नहीं कराई जा रही है। जिन सड़कों पर पहले गाड़ियां फराटे भरती थीं, वहां अब लोगों को खच्चरों का सहारा लेना पड़ रहा है। प्रदेश में विकास कार्य पूरी तरह ठप पड़े हैं और सरकार अपनी नाकामियों पर पर्दा डालने का प्रयास कर रही है। “मित्र मंडल के हितों को प्राथमिकता दे रहे मुख्यमंत्री” मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर सीधा निशाना साधते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मौजूदा सरकार के पास अपनी कोई एक उपलब्धि गिनाने के लिए नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री केवल अपने ‘मित्र मंडल’ के हितों को साधने में लगे हुए हैं, जबकि आम जनता की समस्याओं और प्रदेश के विकास की पूरी तरह अनदेखी की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा ऐतिहासिक जीत दर्ज करेगी और प्रदेश में ठप पड़े विकास कार्यों को फिर से नई गति देगी। राहुल गांधी और कांग्रेस पर संवैधानिक संस्थाओं के अपमान का आरोप अपने संबोधन में जयराम ठाकुर ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और केंद्रीय कांग्रेस नेतृत्व को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी देश की संवैधानिक संस्थाओं पर अवांछित दबाव बनाना चाहती है। जब भी चुनाव में हार मिलती है, कांग्रेस नेता संवैधानिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने लगते हैं। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनादेश का सम्मान किया जाना चाहिए और संवैधानिक संस्थाओं को स्वतंत्र रूप से कार्य करने देना चाहिए।



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