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तीर-कमान, पारंपरिक वेशभूषा और ढोल की थाप…:रतलाम में सड़कों पर दिखी आदिवासी संस्कृति की झलक




विश्व आदिवासी दिवस पर रतलाम में रविवार को आदिवासी समाज की सांस्कृतिक परंपरा की झलक देखने को मिली। शहर के बाजना बस स्टैंड से निकली रैली में बड़ी संख्या में समाजजन शामिल हुए। बच्चे, महिलाएं और पुरुष पारंपरिक वेशभूषा में नजर आए। कई लोग हाथों में तीर-कमान और तिरंगा लेकर रैली में शामिल हुए। डीजे और ढोल की थाप पर लोग आदिवासी गीतों पर झूमते और नाचते नजर आए। बाजना बस स्टैंड से निकली रैली शहर और ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में समाजजन पहले बाजना बस स्टैंड पर एकत्र हुए। यहां से रैली शुरू हुई। डीजे और ढोल की थाप पर आदिवासी गीतों के साथ बच्चे, महिलाएं और पुरुष शहर की सड़कों पर निकले। रैली अलग-अलग टुकड़ों में शहर के विभिन्न हिस्सों से गुजरी। सुबह से शाम 5 बजे तक रैली में शामिल समाजजन आदिवासी परंपरा और वेशभूषा के साथ शहर में नजर आए। शाम 5 बजे रैली पोलोग्राउंड पहुंची, जहां इसका समापन हुआ। केन-बेतवा परियोजना रद्द करने की मांग रैली में कुछ समाजजन केन-बेतवा परियोजना को रद्द करने की मांग वाले बैनर लेकर भी शामिल हुए। कई लोग हाथों में तिरंगा लेकर चलते नजर आए। रैली में समाजजनों का उत्साह देखते ही बना। पुलिस ने जब्त किए हथियार रैली के दौरान कुछ युवा गुप्ती, तलवार और अन्य हथियार लेकर भी पहुंचे। पुलिस ने इन हथियारों को जब्त कर लिया। सुरक्षा व्यवस्था में तैनात रहा पुलिस बल रैली के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात रहा। एसपी अमित कुमार और एएसपी राकेश पंद्रो लगातार शहर में भ्रमण करते रहे। सीएसपी सत्येंद्र घनघोरिया, एसडीएम तरुण जैन और आरआई मोहन भर्रावत सहित जिले का पुलिस बल सुरक्षा व्यवस्था में तैनात रहा। देखें रैली की तस्वीरें…



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