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तेंदुआ शिकार से जुड़े मामले में वाइल्डलाइफ एसओएस के संचालक कार्तिक सत्यनारायण सोमवार को शिवपुरी स्थित एसटीएसएफ कार्यालय पहुंचे, जहां वन प्रशासन की विशेष कार्य बल की टीम ने उनसे करीब साढ़े नौ घंटे तक पूछताछ की। सुबह 11 बजे शुरू हुई पूछताछ रात करीब 8:30 बजे तक चली। पूछताछ के बाद बाहर आए कार्तिक सत्यनारायण ने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज करते हुए पूरे मामले को गहरी साजिश बताया। पूछताछ के दौरान एसटीएसएफ की टीम ने वन्यजीव संरक्षण, तेंदुआ शिकार और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं को लेकर कार्तिक से सवाल-जवाब किए। हालांकि, जांच एजेंसी की ओर से पूछताछ में क्या-क्या सवाल किए गए और कार्तिक ने उनके क्या जवाब दिए, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। आरोपों को बताया बेबुनियाद
पूछताछ के बाद मीडिया से बातचीत में कार्तिक सत्यनारायण ने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि उनके और उनके संगठन के खिलाफ लगाए जा रहे आरोप बेबुनियाद हैं। उन्होंने पूरे मामले को एक गहरी साजिश बताया और कहा कि वह अपने स्तर पर भी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि इसके पीछे किसका हाथ है। कार्तिक ने अपने संगठन के कर्मचारियों का बचाव करते हुए कहा कि उनकी टीम कानून के खिलाफ कोई काम नहीं कर सकती। उनका कहना था कि वह पिछले करीब 30 वर्षों से वन्यजीवों को बचाने के काम में जुटे हैं और उनकी पूरी टीम ईमानदारी से संरक्षण के लिए काम करती रही है। वकील ने कहा- जांच में पूरा सहयोग कर रहे
कार्तिक सत्यनारायण के साथ मौजूद सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील रोहित भारद्वाज ने कहा कि कार्तिक जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसी जब भी उन्हें बुलाएगी, वह पूछताछ के लिए उपस्थित होंगे। आज फिर एसटीएसएफ के सामने पेश होंगे
सोमवार को हुई लंबी पूछताछ के बाद कार्तिक सत्यनारायण को मंगलवार को भी एसटीएसएफ कार्यालय में पेश होना है। अब जांच एजेंसी उनसे दोबारा पूछताछ करेगी। मामले में एसटीएसएफ की ओर से फिलहाल कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। इस मामले में आगे की जांच और एसटीएसएफ की कार्रवाई के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि जांच में कौन-कौन से तथ्य सामने आते हैं और मामले की आगे की दिशा क्या रहती है।
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तेंदुआ शिकार केस में कार्तिक से साढ़े 9 घंटे पूछताछ:आरोपों को बताया गहरी साजिश, आज फिर STSF के सामने होंगे पेश
