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तोसिफ खान अल्पसंख्यक मोर्चा प्रदेश मंत्री पद से हटाए गए:आपराधिक मामले कोर्ट में विचाराधीन, तोसिफ बोले- आरोप निराधार, लोकल पॉलिटिक्स के कारण कार्रवाई




बिलासपुर में भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश मंत्री तोसिफ खान को संगठन के पद से हटा दिया गया है। उन्हें पार्टी की ओर से नोटिस जारी कर 7 दिन के भीतर जवाब देने को कहा गया है कि क्यों न उन्हें भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से भी निष्कासित कर दिया जाए। पार्टी में तोसिफ खान पर हुई इस कार्रवाई को लेकर चर्चा तेज है। भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष मखमूर इकबाल खान हैं। प्रदेश महामंत्री के आदेश में अनुशासनहीनता का उल्लेख बताया गया है कि भाजपा के प्रदेश महामंत्री एवं मुख्यालय प्रभारी डा. नवीन मारकंडेय ने 16 सितंबर को आदेश जारी कर तोसिफ खान को अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश मंत्री पद से मुक्त किया। आदेश में उनके खिलाफ कई आपराधिक मामलों के न्यायालय में विचाराधीन होने का उल्लेख किया गया है। पार्टी के आदेश के मुताबिक, इन कृत्यों को अनुशासनहीनता की श्रेणी में माना गया और इससे पार्टी की छवि प्रभावित होने की बात कही गई। इसी आधार पर प्रदेशाध्यक्ष किरण सिंह देव के निर्देश पर तोसिफ खान को पार्टी के सभी दायित्वों से मुक्त करने की कार्रवाई की गई। नोटिस में उनसे कहा गया है कि आदेश मिलने के 7 दिनों के भीतर यह स्पष्ट करें कि क्यों न उन्हें भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया जाए। पद को लेकर पहले भी हुई थी खींचतान तोसिफ खान को पद से हटाए जाने के पीछे पार्टी के भीतर पदों को लेकर चली खींचतान और आगामी चुनाव की रणनीति को लेकर चर्चा हो रही है। इससे पहले अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष मखमूर इकबाल खान के बिलासपुर दौरे के दौरान तोसिफ खान ने उनके स्वागत में शक्ति प्रदर्शन किया था। इस दौरान काली फॉर्च्यूनर गाड़ियों के इस्तेमाल की भी चर्चा हुई थी। इसके बाद तोसिफ खान को अल्पसंख्यक मोर्चा में प्रदेश मंत्री बनाए जाने की बात सामने आई। उनकी नियुक्ति के बाद संगठन में पहले से पदों पर रहे कुछ पदाधिकारियों की ओर से विरोध की चर्चा रही। 2018 के चुनाव में भितरघात के आरोप भी लगाए गए विरोध करने वालों की ओर से तोसिफ खान पर 2018 के विधानसभा चुनाव में भितरघात करने और कांग्रेस से संबंध होने की जानकारी संगठन के वरिष्ठ नेताओं तक पहुंचाए जाने की बात कही जा रही है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इन्हीं शिकायतों के बाद उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई किए जाने की बात सामने आई है। तोसिफ बोले- आरोप निराधार, लोकल पॉलिटिक्स हावी कार्रवाई पर तोसिफ खान ने आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि उन पर लगाए गए आरोप निराधार हैं और उन्हें पद से हटाए जाने के पीछे लोकल पॉलिटिक्स जिम्मेदार है। तोसिफ खान के मुताबिक, बिलासपुर ही नहीं बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ में उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला नहीं है। उन्होंने कहा कि संगठन तक उनके बारे में गलत जानकारी पहुंचाई गई है और वे पार्टी फोरम पर अपनी बात रखेंगे। उन्होंने दावा किया कि वे पिछले 18 वर्षों से पार्टी की निस्वार्थ सेवा कर रहे हैं। 2018 के विधानसभा चुनाव में भितरघात के आरोप से भी उन्होंने इनकार किया और कहा कि पहले भी इस तरह के आरोप लगाए गए, लेकिन इसका कोई प्रमाण नहीं दिया गया।



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