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दरभंगा के बहेड़ी थाना में भ्रष्टाचार के आरोप:सामाजिक कार्यकर्ता 6 दिन से अनशन कर रहे, SIT गठन कर दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग




दरभंगा के बहेड़ी थाना में भ्रष्टाचार, लापरवाही और पीड़ितों के साथ दुर्व्यवहार का आरोप है। इसको लेकर लहेरियासराय स्थित एसएसपी कार्यालय के पास सामाजिक कार्यकर्ता और पूर्व जिला सांसद प्रतिनिधि रविन्द्र नाथ सिंह उर्फ चिंटू सिंह का आमरण अनशन शनिवार को छठवें दिन भी जारी रहा। अनशनकारी ने बहेड़ी थाना में दर्ज 29 प्राथमिकी से जुड़े मामलों की उच्चस्तरीय, निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्रवाई की मांग की। चिंटू सिंह ने आरोप लगाया कि बहेड़ी थाना के कार्यशैली को लेकर लगातार वरीय पुलिस अधिकारियों से शिकायत की जाती रही, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि जांच की जिम्मेदारी बेनीपुर एसडीपीओ को दी गई, लेकिन उन्होंने शिकायतकर्ताओं का बयान दर्ज किए बिना, उन्हें सूचना दिए बिना और पुलिस मैनुअल का पालन किए बिना करीब 24 मामलों की जांच पूरी कर थाना अध्यक्ष और संबंधित पुलिसकर्मियों को क्लीन चिट दे दी। एसडीपीओ कार्यालय में पैसे लेकर काम कराने का आरोप उन्होंने आरोप लगाया कि जिन पुलिसकर्मियों पर आरोप थे, उन्हीं के साथ बैठकर जांच पूरी कर ली गई। जबकि, शिकायतकर्ताओं और गवाहों को बुलाने तक की जरूरत नहीं समझी गई। उनके अनुसार यह पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष जांच के सिद्धांतों और पुलिस मैनुअल के विपरीत है। अनशनकारी ने यह भी आरोप लगाया कि एसडीपीओ कार्यालय में कथित रूप से पैसे लेकर काम कराने का खेल चल रहा है। उन्होंने दावा किया कि हाल में एक वीडियो सामने आया है, जिसमें एक एएसआई कथित तौर पर मेडिकल इंजरी रिपोर्ट मैनेज करने और वरीय अधिकारियों तक पैसे पहुंचाने की बात कर रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों की भी स्वतंत्र जांच होनी चाहिए। चिंटू सिंह ने आरोप लगाया कि बहेड़ी थाना में कई आपराधिक मामलों के आरोपितों को संरक्षण दिया जा रहा है। बहेड़ी थाना कांड संख्या 126/26 के आरोपितों को थाने में बैठाया जाता है, जबकि उनके खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि थाना स्तर पर प्रभावशाली लोगों को संरक्षण और आम लोगों के साथ अन्याय किया जा रहा है। हाल में एक पत्रकार की गिरफ्तारी को लेकर कहा कि केवटी में भ्रष्टाचार से जुड़ी खबर प्रकाशित होने के कुछ दिनों के अंदर उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर गिरफ्तारी कर ली गई, जबकि गंभीर आरोपों वाले मामलों में कार्रवाई नहीं हो रही है। उन्होंने इसे दोहरी कार्यप्रणाली करार दिया। थाना के रिकॉर्ड की जांच कराने की मांग अनशनकारी ने कहा कि यदि उनके आरोप गलत साबित होते हैं, तो वह इसकी पूरी जिम्मेदारी लेने को तैयार हैं। उन्होंने मांग की कि बहेड़ी थाना के सीसीटीवी फुटेज, आगंतुक पंजिका, थाना के रिकॉर्ड की जांच कराई जाए। साथ ही थाना के कर्मियों, कथित दलालों और अन्य संबंधित लोगों की भूमिका की भी जांच हो। उन्होंने अवैध अस्पताल संचालन, दलित उत्पीड़न और अन्य शिकायतों की भी निष्पक्ष जांच की मांग की। चिंटू सिंह ने बताया कि शुक्रवार को जिलाधिकारी के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया था। ग्रामीण पुलिस अधीक्षक की ओर से उनके प्रतिनिधियों को वार्ता के लिए बुलाया गया। ग्रामीण एसपी ने आश्वासन दिया है कि सभी आरोपों की जांच के लिए एसआईटी गठित कर निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि ग्रामीण एसपी स्वयं आकर निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई का भरोसा देती हैं, तो अनशन खत्म करने पर विचार किया जा सकता है। फिलहाल प्रशासन की ओर से कोई ठोस निर्णय नहीं होने के कारण उनका आमरण अनशन जारी है।



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