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दरभंगा में बाल एवं किशोर श्रम उन्मूलन के लिए व्यापक अभियान चलाया जाएगा। जिलाधिकारी कौशल कुमार ने बताया कि जिले के सभी 18 प्रखंडों में तीन-तीन पंचायतों का चयन किया गया है। कुल 54 पंचायतों में 90 दिनों तक विशेष अभियान चलाकर उन्हें ‘बाल मुक्त पंचायत’ घोषित करने का लक्ष्य रखा गया है। डीएम ने सभी श्रम प्रवर्तन पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि चयनित पंचायतों में स्थित प्रतिष्ठानों, दुकानों और घरेलू कार्यों में लगे किशोर श्रमिकों की पहचान कर उन्हें श्रम से मुक्त कराया जाए। साथ ही बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 के तहत दोषी नियोजकों के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। डीएम ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों (बीडीओ) को निर्देश दिया कि श्रम से मुक्त कराए गए प्रत्येक बच्चे का निकटतम विद्यालय में नामांकन सुनिश्चित कराया जाए, ताकि वे दोबारा शिक्षा की मुख्यधारा से जुड़ सके। वहीं, प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारियों को पंचायत स्तरीय टास्क फोर्स की नियमित बैठकें आयोजित कर अभियान की समीक्षा करने और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया गया है। आम जनता से अपील जिलाधिकारी कौशल कुमार ने कहा कि बाल श्रम एक सामाजिक अभिशाप है, जिसके उन्मूलन के लिए प्रशासन के साथ-साथ समाज की सक्रिय भागीदारी भी जरूरी है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों और आम नागरिकों से अभियान को सफल बनाने में सहयोग की अपील करते हुए विश्वास जताया कि सामूहिक प्रयासों से निर्धारित 90 दिनों के भीतर चयनित 54 पंचायतों को “बाल मुक्त पंचायत” घोषित करने का लक्ष्य हासिल किया जाएगा। इन पंचायतों का हुआ चयन चयनित पंचायतों में अदलपुर, लोआम, नैनाघाट, अघरा महापरा, पिड़री, टिकापट्टी, मझोलिया, पौराम, पतौर, बनसारा, कोठिया, लालगंज, धनौल, हरहच्चा, बलिगांव, अरौला, गोदाईपट्टी, गौढ़ेला, राढ़ी दक्षिणी, राढ़ी उत्तरी, सहसपुर, कटका, निस्ता, अस्थुआ, लदहो, कमरकला, रोहार महमुदा, पोखरभिंडा, राजा खरवार, ठेंगहा, चनौर, भंडारीसम, जतुका पैकटोल, झगरूआ, झगरूआ तरवाड़ा, नरकटिया भंडरिया, मकरमपुर, सझुआर, हबीभौआर, हरिनगर, भादर, औराही, लटहा तुमौल सुहथ, हनुमाननगर, नरमा नवानगर, बरौम, गौड़ामानसिंह, कसरौर करकौली, पुनहद, गनौन, तुमौल, उसरी, भिण्डुआ और ईटहर पंचायत शामिल है।
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दरभंगा में बाल श्रम मुक्त पंचायत अभियान:18 प्रखंडों में तीन-तीन पंचायतों का चयन, डीएम बोले- समाज की सक्रिय भागीदारी भी जरूरी है
