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सड़क हादसों और उनमें होने वाली जनहानि को कम करने के लिए जयपुर रेंज पुलिस ने ‘ऑपरेशन सेफर रोड’ के तहत देश में पहली बार अनूठा डिजिटल नवाचार किया है। जयपुर रेंज के नेशनल हाईवे और स्टेट हाईवे पर चिह्नित दुर्घटना संभावित क्षेत्रों को Google Maps से जोड़ा गया है। अब इन ब्लैक स्पॉट के करीब पहुंचते ही Google Maps का इस्तेमाल कर रहे वाहन चालकों को सड़क सुरक्षा अलर्ट मिलेगा। इससे चालक समय रहते गति नियंत्रित कर सावधानी बरत सकेंगे। जयपुर रेंज आईजी राहुल प्रकाश ने बताया कि बीते तीन वर्षों के सड़क हादसों और उनमें हुई मौतों के आंकड़ों का वैज्ञानिक विश्लेषण कर दुर्घटना संभावित स्थानों को चिन्हित किया गया है। इस पहल का उद्देश्य केवल ब्लैक स्पॉट की पहचान करना नहीं, बल्कि तकनीक के माध्यम से वाहन चालकों को हादसे से पहले चेतावनी देकर सुरक्षित ड्राइविंग के लिए प्रेरित करना है। 101 ब्लैक स्पॉट किए गए चिह्नित साल 2023 से 2025 के दुर्घटना आंकड़ों के आधार पर जयपुर रेंज में कुल 101 ब्लैक स्पॉट चिह्नित किए गए हैं। इनमें जयपुर ग्रामीण में 28, दौसा में 24, कोटपूतली-बहरोड़ में 19, अलवर में 11, सीकर में 10, भिवाड़ी में 5, खैरथल-तिजारा में 3 और झुंझुनूं में 1 ब्लैक स्पॉट शामिल है। ब्लैक स्पॉट का वर्गीकरण केवल हादसों की संख्या से नहीं, बल्कि मुख्य रूप से तीन वर्षों में हुई मौतों की गंभीरता के आधार पर किया गया है। Google Maps पर पहुंचेगा सड़क सुरक्षा अलर्ट जब कोई वाहन चालक जयपुर रेंज के संबंधित राजमार्ग पर Google Maps नेविगेशन का इस्तेमाल करेगा और चिन्हित दुर्घटना संभावित क्षेत्र के करीब पहुंचेगा, तो उसे सड़क सुरक्षा चेतावनी मिलेगी। इससे चालक समय रहते अपनी रफ्तार कम कर सकता है और सड़क की परिस्थितियों के अनुसार अतिरिक्त सावधानी बरत सकता है। QR Code से भी मिलेगी ब्लैक स्पॉट की जानकारी जयपुर रेंज पुलिस ने इस अभियान के तहत QR Code आधारित डिजिटल सुविधा भी विकसित की है। QR Code स्कैन करने पर आमजन को चिह्नित दुर्घटना संभावित स्थलों की जानकारी Google Maps के माध्यम से मिल सकेगी। इसमें संबंधित स्थान की जोखिम श्रेणी, लोकेशन और सड़क सुरक्षा से जुड़ी जानकारी उपलब्ध होगी। पुलिस रिकॉर्ड और दुर्घटना डेटा का विश्लेषण पहले चरण में पुलिस रिकॉर्ड, ट्रैफिक संबंधी सूचनाओं और राजमार्गों पर हुए हादसों के आंकड़ों का विस्तृत अध्ययन किया गया। इसके बाद प्रत्येक दुर्घटना संभावित स्थल का भौगोलिक सत्यापन कर डिजिटल मैपिंग की गई और Google Maps पर प्रदर्शित करने के लिए तकनीकी डेटा तैयार किया गया। आगे प्रदेश और देशभर में लागू करने की तैयारी जयपुर रेंज आईजी राहुल प्रकाश के अनुसार यह नवाचार सड़क हादसों में होने वाली मौतों को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। जयपुर रेंज में सफल प्रयोग के बाद इसे पूरे राजस्थान और देशभर के राजमार्गों पर लागू करने के लिए एनएचएआई को पत्र लिखा गया है।
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देश में पहली बार जयपुर रेंज पुलिस का नवाचार:नेशनल और स्टेट हाईवेज पर दुर्घटना संभावित क्षेत्रों को गूगल मेप से जोड़ा, व्हीकल ड्राइवर्स को देगा अलर्ट
