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केंद्रीय तिब्बती प्रशासन (CTA) ने शुक्रवार को धर्मशाला में महात्मा गांधी की 157वीं जयंती मनाई। गांगचेन क्यिशोंग स्थित टी-भवन के सामने हुए कार्यक्रम में तिब्बती प्रशासन के शीर्ष नेतृत्व ने गांधी जी को श्रद्धांजलि दी। तिब्बती नेतृत्व ने गांधी जी के अहिंसा और शांतिपूर्ण संघर्ष के सिद्धांतों को याद किया। उन्होंने कहा कि न्याय व अधिकारों के लिए बातचीत और अहिंसा जरूरी माध्यम हैं। CTA ने अहिंसा व बातचीत से तिब्बती संघर्ष को आगे बढ़ाने का संकल्प जताया। संघर्षों में गांधी के विचारों की प्रेरणा दिखी
सिक्योंग पेनपा त्सेरिंग ने मीडिया से कहा कि गांधी जी के अहिंसक प्रतिरोध के विचारों का असर भारत की आजादी के आंदोलन समेत दुनिया के कई आंदोलनों पर पड़ा। नेल्सन मंडेला, मार्टिन लूथर किंग जूनियर और 14वें दलाई लामा जैसे नेताओं के संघर्षों में गांधी के विचारों की प्रेरणा दिखी। ये सदस्य और अधिकारी मौजूद रहे
इस मौके पर सिक्योंग पेनपा त्सेरिंग, मुख्य न्याय आयुक्त येशी वांगमो, सीटीए अध्यक्ष डोलमा त्सेरिंग तेयखांग समेत निर्वासित तिब्बती संसद के सदस्य और कई अधिकारी मौजूद थे।
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धर्मशाला में CTA ने गांधी जयंती मनाई:श्रद्धांजलि देकर सिद्धांतों को याद किया; अहिंसा से आगे बढ़ाने का लिया संकल्प
