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हिमाचल प्रदेश के रामपुर स्थित विकास खंड ननखड़ी की थैली चकटी पंचायत में वन काटुओं के खिलाफ वन विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई अमल में लाई है। विभाग की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर मुस्तैदी दिखाते हुए अवैध रूप से काटी गई कायल की कीमती लकड़ी के 41 स्लिपर बरामद करने में सफलता हासिल की है। इस कार्रवाई के बाद से ही क्षेत्र के वन तस्करों में हड़कंप मच गया है। मिली जानकारी के अनुसार, बीती रात करीब 10 बजे एसडीएम रामपुर को एक गुप्त सूचना मिली थी कि थैली चकटी पंचायत क्षेत्र में भारी मात्रा में कायल की लकड़ी के स्लिपर छिपाकर रखे गए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तुरंत इसकी सूचना वन विभाग को दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की एक विशेष टीम ने बिना समय गंवाए मौके पर दबिश दी और क्षेत्र की घेराबंदी कर अवैध रूप से तैयार किए गए 41 स्लिपरों को अपने कब्जे में ले लिया। जंगलों में सर्च अभियान शुरू, साक्ष्यों की हो रही जांच डीएफओ गुरहर्ष सिंह ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि वन विभाग ने कायल के सभी 41 स्लिपरों को जब्त कर लिया है। उन्होंने कहा कि इस अवैध कटान में संलिप्त मुख्य आरोपी की पहचान और तलाश के लिए पुलिस में मामला दर्ज करवाने की आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। इस बरामदगी के बाद वन विभाग की टीम ने थमने के बजाय संबंधित क्षेत्र से सटे पूरे जंगल में एक सघन सर्च अभियान (खोज अभियान) शुरू कर दिया है। टीम जंगल के भीतर गहराई से यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि यह लकड़ी किस विशेष स्थान से काटी गई थी। इसके साथ ही, संभावित कटान के निशानों, ठूंठों और अन्य साक्ष्यों को खंगाला जा रहा है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि तस्करों ने जंगल में अन्य हरे पेड़ों को तो नुकसान नहीं पहुंचाया है। वन अधिकारियों का कहना है कि सर्च अभियान पूरा होने के बाद ही अवैध कटान के वास्तविक पैमाने का पता चल सकेगा और दोषियों के खिलाफ वन अधिनियम के तहत सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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ननखड़ी में वन विभाग ने कायल के 41 स्लिपर जब्त:कीमती लकड़़ी की अवैध कटान की सूचना पर मध्यरात्रि को छापेमारी, जांच शुरू
