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भागलपुर जिले के पीरपैंती में संथाल और पहाड़िया जनजाति के 68 परिवारों को नवरात्र के अवसर पर अपने नए घरों की चाबियां मिलीं। पीरपैंती पावर प्लांट की सामाजिक उत्तरदायित्व योजना (सीएसआर) के तहत इन आवासों का निर्माण किया गया है। सामूहिक गृह प्रवेश कार्यक्रम में 68 आदिवासी परिवारों को उनके नवनिर्मित घरों की चाबियां सौंपी गईं। विधायक मुरारी पासवान ने बताया कि किसी को विस्थापित नहीं किया गया, बल्कि पहले से बेहतर आवास और सुविधाएं दी गईं। नए घरों में प्रवेश करने के बाद लाभार्थी परिवारों के चेहरों पर खुशी साफ दिखी। राज्य सरकार ने जमीन दी थी पीरपैंती पावर प्लांट परिसर के आसपास लंबे समय से रह रहे संथाल और पहाड़िया समुदाय के परिवारों के सामने स्थायी आवास की चुनौती थी। इन परिवारों को बेहतर और सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य सरकार की ओर से जमीन उपलब्ध कराई गई। इसके बाद अदाणी पावर प्लांट की सीएसआर पहल के तहत अदाणी फाउंडेशन ने आवास निर्माण की जिम्मेदारी उठाई। विधायक मुरारी पासवान बोले, विस्थापन नहीं, स्थान परिवर्तन हुआ है कार्यक्रम में पीरपैंती के भाजपा विधायक मुरारी पासवान मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने आवास उपलब्ध कराने की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि आदिवासी परिवारों को विस्थापित नहीं किया गया है, बल्कि उनका स्थान परिवर्तन किया गया है। विधायक ने बताया कि परिवारों को लगभग 500 मीटर की दूरी पर दूसरे स्थान पर बसाया गया है, जहां उनके लिए सुंदर और नए घर उपलब्ध कराए गए हैं। उन्होंने कहा कि सभी परिवारों को व्यवस्थित रूप से बसाया गया है और इसे विस्थापन के बजाय बेहतर आवासीय व्यवस्था के रूप में देखा जाना चाहिए। प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ गृह प्रवेश सामूहिक गृह प्रवेश कार्यक्रम में पीरपैंती विधायक मुरारी पासवान के साथ जिला प्रशासन की ओर से एसडीएम राकेश रंजन और अंचलाधिकारी चंद्रशेखर कुमार मौजूद रहे। अदाणी पावर प्लांट की ओर से राजीव गोयल, कृष्णा, अभिमन्यु सहित अन्य प्रतिनिधियों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में लाभार्थी परिवारों के सदस्य उपस्थित थे। कार्यक्रम के दौरान नवनिर्मित आवासों का अवलोकन किया गया और परिवारों ने अपने नए घरों में प्रवेश किया।
बचे हुए परिवारों को भी आवास देने की बात विधायक मुरारी पासवान ने बताया कि कुछ परिवारों को अभी आवास उपलब्ध कराया जाना बाकी है। उन्होंने कहा कि शेष तीन से चार परिवारों को भी जल्द आवास उपलब्ध कराने की दिशा में पहल की जाएगी। हालांकि, लाभार्थियों की कुल संख्या और शेष परिवारों से संबंधित आंकड़ों का आधिकारिक मिलान किया जाना बाकी है।
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