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निगम चुनाव खर्च के ब्यौरे में सामने आए रोचक आंकड़े:प्रत्याशियों ने ई-रिक्शा का 1600 किराया बताया, लग्जरी कारों का रेंट सिर्फ 1000 रुपए दर्शाया




कोटा नगर निगम चुनाव में नवनिर्वाचित पार्षदों की ओर से निर्वाचन आयोग को पेश किए गए चुनाव खर्च के ब्यौरे में कई रोचक आंकड़े सामने आए हैं। सबसे ज्यादा अंतर प्रचार में इस्तेमाल वाहनों के किराए में दिखाई दिया। वार्ड 70 से कांग्रेस पार्षद यूनुस मोहम्मद ने मारुति ब्रेजा, किआ सेल्टोस और किआ सोनेट जैसी गाड़ियों का किराया महज 1000 प्रतिदिन बताया है। उन्होंने प्रत्येक गाड़ी के 6 दिन के लिए 6000 खर्च दर्शाया। वहीं वार्ड 75 से भाजपा पार्षद क्रांति जैन ने ई-रिक्शा का किराया 1600 प्रतिदिन बताया है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि 1000 रोज के किराए में लग्जरी कारें उपलब्ध हुईं तो ई-रिक्शा का किराया इससे ज्यादा कैसे रहा। रामदेव वर्मा ने सबसे ज्यादा, नीतू कंवर ने सबसे कम खर्च बताया चुनाव आयोग को दिए ब्यौरे के अनुसार वार्ड 23 से भाजपा पार्षद रामदेव वर्मा ने सबसे ज्यादा 3,16,950 चुनाव खर्च बताया। वहीं वार्ड 47 से भाजपा पार्षद नीतू कंवर ने महज 26,471 खर्च दर्शाया। पार्षद चुनाव के लिए निर्वाचन आयोग ने अधिकतम खर्च की सीमा 3.50 लाख रुपए तय की थी। ज्यादातर प्रत्याशियों ने खर्च में माइक, टेंट, वाहन और पोस्टर-बैनर को शामिल किया है। कुछ प्रत्याशियों ने चाय-नाश्ते और अल्पाहार का खर्च भी दर्शाया। आंकड़ों से यह भी सामने आता है कि अधिक खर्च करने वाले प्रत्याशी हर वार्ड में जीत हासिल नहीं कर सके। कई वार्ड में कम खर्च करने वाले प्रत्याशियों को मतदाताओं ने जीत दिलाई। मेयर ने 53,933, डिप्टी मेयर ने 1.07 लाख खर्च बताए वार्ड 98 से निर्वाचित मेयर अनुसूईया गोस्वामी ने चुनाव में 53,933 खर्च बताया है। उनके ब्यौरे में वाहन पर कोई खर्च नहीं है। उन्होंने प्रचार सामग्री पर 24,287, टेंट पर 19,400, भोजन व चाय-नाश्ते पर 9000 और बूथ शुल्क के रूप में 1246 खर्च दर्शाया है। वहीं वार्ड 54 से डिप्टी मेयर विवेक राजवंशी ने 1,07,300 खर्च बताया। इसमें प्रचार सामग्री यानी पोस्टर-बैनर पर 16,400, कार्यकर्ताओं के भोजन पर 78,000 तथा टेंट, टेबल-कुर्सी, नाश्ता और पानी पर 12,800 खर्च दर्शाया गया है। निर्दलीयों में कौशल किशोर शर्मा का खर्च सबसे ज्यादा निर्दलीय पार्षदों में वार्ड 49 के कौशल किशोर शर्मा ने सबसे ज्यादा 1.56 लाख चुनाव खर्च बताया। वार्ड 72 के राहुल माथुर ने 78,500, वार्ड 77 की रानी ने 48,349 और वार्ड 71 की वंदना फौजदार ने 44,656 खर्च दर्शाया है। चुनाव खर्च के इन आंकड़ों में सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि प्रचार पर ज्यादा पैसा खर्च करना जीत की गारंटी नहीं बना। कई वार्ड में कम खर्च करने वाले प्रत्याशियों ने ज्यादा खर्च करने वाले उम्मीदवारों को पीछे छोड़कर चुनाव जीता।



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