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रांची शहर के सबसे पुराने और प्रमुख व्यापारिक केंद्र अपर बाजार के पुनर्विकास और व्यवस्थित विकास को लेकर नगर निगम ने पहल तेज कर दी है। गुरुवार को नगर आयुक्त सुशांत गौरव की अध्यक्षता में झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स, ट्रेड यूनियन और अपर बाजार के व्यवसायियों के साथ एक महत्वपूर्ण और सकारात्मक बैठक संपन्न हुई। बैठक में अपर नगर आयुक्त संजय कुमार और उप नगर आयुक्त रवींद्र कुमार भी मौजूद रहे। बैठक में नगर आयुक्त ने बताया कि अपर बाजार में निगम स्वामित्व की लगभग 4.39 एकड़ भूमि पर संचालित 608 दुकानों का विस्तृत सर्वे कराया गया है। प्राथमिक जांच में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। लगभग 180 दुकानों का संचालन मूल आवंटनधारियों के स्थान पर अन्य व्यक्तियों या उनके रिश्तेदारों द्वारा किया जा रहा है। करीब 30 दुकानों के अवैध हस्तांतरण का मामला सामने आया है। कई दुकानों पर बिना अनुमति बहुमंजिला निर्माण कर लिया गया है और वर्षों से किराया बकाया है। बैठक में लिए गए 3 बड़े सर्वसम्मत निर्णय 7 दिनों में सुझाव : चैंबर, ट्रेड यूनियन और व्यवसायी 7 दिनों के भीतर पुनर्विकास का ड्राफ्ट देंगे।
बिहारी धर्मशाला में लगेगा कैंप : बकाया किराये की वसूली के लिए बिहारी धर्मशाला में शिविर लगेगा।
मास्टर प्लान की तैयारी : व्यापारियों के सुझावों को ध्यान में रखते हुए ही पुनर्विकास का अंतिम मास्टर प्लान तैयार होगा। व्यवसायियों ने भी अपनी जरूरतें बताईं बैठक में फैसला लिया गया कि अपर बाजार को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप आधुनिक और सुरक्षित व्यापारिक परिसर के रूप में विकसित किया जाएगा। चर्चा के दौरान चैंबर ऑफ कॉमर्स एवं व्यवसायियों के प्रतिनिधियों ने भी अपनी-अपनी समस्याओं, व्यावसायिक आवश्यकताओं, यातायात संबंधी चुनौतियों, पार्किंग, भवनों की जर्जर स्थिति, अग्नि सुरक्षा, स्वामित्व संबंधी विषयों तथा भविष्य की विकास योजनाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। नगर आयुक्त ने सभी सुझावों को गंभीरता से सुना तथा स्पष्ट किया कि अंतिम निर्णय व्यापक जनहित, विधिक प्रावधानों एवं सभी हितधारकों के सुझावों को ध्यान में रखते हुए लिया जाएगा।
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निगम ने 608 दुकानों का कराया विस्तृत सर्वे:अपर बाजार में 180 दुकानें मूल आवंटियों के बजाय दूसरे चला रहे, 30 दुकानों का अवैध रूप से कराया गया हस्तांतरण
