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अलवर में पहले चरण के पंचायत चुनाव के सिंबल बंटने से ठीक पहले जिले में सियासी सरगर्मी चरम पर पहुंच गई है। टिकट के दावेदारों को साधने और पार्टी में बगावत थामने के लिए बीजेपी और कांग्रेस के दिग्गज नेताओं ने अलवर में डेरा डाल दिया है। रविवार सुबह से ही दोनों ही दलों के दिग्गजों के आवास और कार्यक्रम स्थलों पर दावेदारों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। कांग्रेस ने कटी घाटी स्थित एक होटल में मैराथन रायशुमारी बैठक बुलाई, जिसमें पूर्व केंद्रीय मंत्री भंवर जितेंद्र सिंह, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, अलवर प्रभारी चिरंजीव राव, पीसीसी सचिव संजना जाटव, अलवर पर्यवेक्षक वैभव गहलोत और धर्मेंद्र राठौड़ मौजूद रहे। नेताओं ने एक-एक वार्ड और पंचायत के कार्यकर्ताओं से फीडबैक लिया। ‘जनता के मूड से बटेंगे टिकट, युवाओं को प्राथमिकता’ : जितेंद्र सिंह रायशुमारी के दौरान पूर्व केंद्रीय मंत्री भंवर जितेंद्र सिंह ने कहा कि इस बार टिकट वितरण की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रखी गई है। ऑब्जर्वर खुद जनता के बीच गए हैं और उनके मूड के हिसाब से ही उम्मीदवार तय किए जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि 12 और 13 अक्टूबर तक सभी टिकट फाइनल कर दिए जाएंगे और ज्यादातर जगहों पर सिंबल ही जमा होंगे। सिंह ने कहा, “पहली बार ऐसा माहौल बना है। इस बार हमारी पहली प्राथमिकता युवाओं को टिकट देना है।” ‘बीजेपी की गुंडागर्दी का ईंट का जवाब पत्थर से देंगे’ : टीकाराम जूली नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए बीजेपी पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि हर वार्ड से कई दावेदार हैं, लेकिन मोटे तौर पर सहमति बन रही है। जूली ने चेतावनी भरे लहजे में कहा, “निकाय व पंचायत चुनावों में अगर बीजेपी ने गुंडागर्दी करने की कोशिश की, तो ईंट का जवाब पत्थर से दिया जाएगा।” उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार की तानाशाही के खिलाफ कार्यकर्ता दिल्ली कूच कर रहे हैं और आने वाले समय में इनकी जेलें छोटी पड़ जाएंगी। बीजेपी का विकास कार्यों के जरिए शक्ति प्रदर्शन दूसरी ओर, बीजेपी के केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव और राजस्थान के वन राज्य मंत्री संजय शर्मा ने भी अलवर में मोर्चा संभाला। दोनों नेताओं ने साथ रहकर जिले में कई विकास कार्यों का उद्घाटन किया और पार्टी कार्यकर्ताओं संग चुनावी रणनीति पर मंथन किया।
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नेता प्रतिपक्ष बोले- कांग्रेसी भी दिल्ली पहुंच रहे:पंचायत चुनाव के टिकट फाइनल करने से पहले भूपेंद्र यादव-वैभव गहलोत आए अलवर
