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पंजाब में 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस पर फिरोजपुर में हुए राज्यस्तरीय समारोह में सेहत विभाग की तरफ से ‘मुख्यमंत्री सेहत बीमा योजना’ की एक झांकी पेश की गई। झांकी में बुजुर्गों को भंगड़ा डालते हुए दिखाया गया और दावा किया गया कि इस योजना के तहत इनके घुटनों का सफल ऑपरेशन हुआ है। सरकार ने इस झांकी को राज्य की “स्वास्थ्य क्रांति” की बड़ी उपलब्धि के रूप में प्रचारित किया। इसके बाद कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल ने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि पंजाब कांग्रेस प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट कर लिखा- हमारे बुजुर्ग हमारा गौरव हैं, न कि राजनीतिक प्रचार का ज़रिया। वहीं भंगड़ा डालने वालों में शामिल एक बुजुर्ग ने कहा कि मेरे घुटनों का कोई ऑपरेशन नहीं हुआ है। मुझे तो सेहत विभाग के मास मीडिया अफसर ने बुलाया था और वहां भंगड़ा करने को कहा था। उसमें एक विभाग से रिटायर ड्राइवर था। फिरोजपुर में हुआ था कार्यक्रम
15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर CM भगवंत मान फिरोजपुर पहुंचे थे। यहां उन्होंने स्टेट लेवल के कार्यक्रम की अध्यक्षता की थी। यहीं तिरंगा फहराने के बाद विभिन्न विभागों की तरफ से झांकी निकाली गई थी। उसी में ये बुजर्ग भी भंगड़ा डालते हुए शामिल हुए थे। जिसको लेकर विरोधियों ने सवाल उठाए कि AAP सरकार ने मुख्यमंत्री सेहत बीमा योजना के प्रचार के लिए इनका भंगड़ा कराया। जो बुजुर्ग नाच रहे हैं, इनके सेहत बीमा योजना के तहत घुटनों का ऑपरेशन हुआ है। विरोधियों ने इसको लेकर क्या कहा:- वड़िंग बोले- बुजुर्ग हमारा स्वाभिमान हैं
कांग्रेस के प्रदेश प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने कहा कि हमारे बुजुर्ग हमारा स्वाभिमान हैं, राजनीतिक प्रचार का सामान नहीं। मान सरकार ने 15 अगस्त जैसे ऐतिहासिक पर्व को भी एक सस्ते पब्लिसिटी स्टंट में तब्दील कर दिया। समारोह में स्वास्थ्य विभाग ने स्वस्थ व्यक्ति को घुटने के प्रत्यारोपण के सफल मरीज बताकर पेश कर दिया गया, जबकि उनका कभी कोई ऑपरेशन हुआ ही नहीं था। यह 15 अगस्त के नाम पर झूठ का तमाशा है। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों को कैमरों के सामने नचवाया गया और इसे तथाकथित ‘सेहत क्रांति’ की उपलब्धि के रूप में दिखाया गया। पंजाब के सरकारी अस्पतालों को आज डॉक्टरों, दवाइयों और असली इलाज की जरूरत है, न कि ऐसे झूठे प्रचार और फोटो-ऑप्स की।” मजीठिया ने कहा- स्वतंत्रता दिवस का अपमान
अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहा कि 15 अगस्त के पवित्र अवसर पर ऐसा ड्रामा रचकर भगवंत मान सरकार ने पंजाबियों की भावनाओं से खिलवाड़ किया है। बिना ऑपरेशन के ही बुजुर्गों को नचा दिया गया। जिसका ऑपरेशन हुआ ही नहीं, उसे सफल मरीज बताकर पेश करना और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को ‘बाबा’ बनाकर फर्जी दावे करना बेहद शर्मनाक है। प्रचार की भूख मिटाने के लिए यह सारा ड्रामा रचा गया। उन्होंने कहा किपंजाब पूछता है कि आखिर झूठ के इस नाटक की भी कोई हद है? जहां राज्य के अस्पतालों में मूलभूत सुविधाएं नहीं हैं, वहां सरकार को सिर्फ कैमरे और विज्ञापन चाहिए। पंजाब की जनता इस धोखे को कभी माफ नहीं करेगी।” भंगड़ा करने वाले ने कहा- मैं रिटायर्ड ड्राइवर भंगड़ा करने वालों में शामिल सुरेश कुमार ने कहा कि मेरे घुटनों का कोई ऑपरेशन नहीं हुआ है। हमें 15 अगस्त को मुख्यमंत्री के आगमन पर स्वास्थ्य विभाग की तरफ से झांकी निकालने के निर्देश दिए गए थे।इस झांकी में हम कुल पांच लोग शामिल हुए थे। मैं खुद स्वास्थ्य महकमे का रिटायर्ड ड्राइवर हूं और मेरे साथ शामिल जीरा के रहने वाले बुजुर्ग भी विभाग के ड्राइवर ही हैं। हमें स्वास्थ्य विभाग के मास मीडिया अफसर संदीप कुमार ने बुलाया था और कहा था कि वहां जाकर भंगड़ा डालना है। स्वास्थ्य विभाग ने स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्यमंत्री सेहत बीमा योजना के तहत यह झांकी निकाली थी। इसमें यह दिखाना था कि बुजुर्गों के घुटनों का सफल ऑपरेशन हुआ है और वे ठीक होकर भंगड़ा डाल रहे हैं। मेरे घुटने की कोई सर्जरी नहीं हुई है। मैं सिर्फ अपने बारे में बता सकता हूं, मैंने कोई घुटने नहीं बदलवाए। बाकी अन्य लोगों के बारे में मुझे नहीं पता। सिविल सर्जन बोलीं- कोई असली मरीज शामिल नहीं था
फिरोजपुर की सिविल सर्जन डॉ. मीनाक्षी ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान की स्वतंत्रता दिवस परेड के दौरान घुटना प्रत्यारोपण (नी इम्प्लांट) पर किया गया भंगड़ा सिर्फ एक प्रतीकात्मक प्रदर्शन था। इसमें कोई भी असली घुटना प्रत्यारोपण वाला मरीज शामिल नहीं हुआ था।
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पंजाब CM के सामने बुजुर्गों से भंगड़ा कराया, VIDEO:विरोधी बोले- पब्लिसिटी स्टंट, 15 अगस्त पर मुख्यमंत्री सेहत बीमा योजना की झांकी में नचाए
