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पठानकोट पुलिस के हत्थे चढ़ा साइबर ठग:साइबर पुलिस ने ₹58 लाख की ऑनलाइन क्रिप्टो करेंसी ठगी की मिस्ट्री सुलझाई, मुख्य आरोपी गिरफ्तार




पठानकोट के थाना साइबर क्राइम की पुलिस टीम ने ₹58 लाख रुपये मूल्य की क्रिप्टो करेंसी की हैकिंग और धोखाधड़ी के एक पेचीदा मामले को तकनीकी जांच के आधार पर सुलझाते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने तकनीक का सहारा लेकर पठानकोट के ही एक व्यक्ति के क्रिप्टो करंसी से संबंधित वॉलेट का एक्सेस हासिल किया और लगभग 58 लाख रुपए अपने विभिन्न खातों में ट्रांस्फर कर लिए। लगातार एक महीने तक मामले की जांच चली तो सामने आया कि पठानकोट के हरियाल का रहने वाला शातिर युवक ही इस ठगी का मास्टर माइंड था। साइबर सैल इंचार्ज इंस्पेक्टर अमित ने मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस ने डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को ट्रैक कर एफआईआर के तहत गिरफ्तार किया है। ट्रस्ट वॉलेट हैक कर उड़ाए थे ₹58 लाख के USDT कॉइन मामले का खुलासा करते हुए साइबर सैल इंचार्ज इंस्पेक्टर अमित ने बताया कि पीड़ित संग्राम सिंह निवासी पठानकोट ने साइबर क्राइम थाने में धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज करवाई थी। पीड़ित के अनुसार, उसके ‘ट्रस्ट वॉलेट’ का अनऑथराइज्ड एक्सेस लेकर उसमें रखे ₹58 लाख रुपये मूल्य के क्रिप्टो करेंसी कॉइन्स को हैक कर किसी अन्य वॉलेट में ट्रांसफर कर लिया गया था। शिकायत के आधार पर थाना साइबर क्राइम पठानकोट में 9 अगस्त को भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 61(2) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66 एवं 66(सी) के अंतर्गत मामला दर्ज कर गहन जांच शुरू की गई थी। तकनीकी जांच से धरा गया आरोपी हनी पठानिया मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए साइबर सैल इंचार्ज इंस्पेक्टर अमित की अगुवाई में साइबर क्राइम की टीम ने तकनीकी और डिजिटल फॉरेंसिक साक्ष्यों का विश्लेषण किया। कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए पुलिस टीम ने मुख्य आरोपी हनी हरि‍याल उर्फ हनी पठानिया निवासी पठानकोट को आईडेंटिफाई कर गिरफ्तार कर लिया। क्रिप्टो करंसी को भारतीय रुपयों में बदल की ठगी इंस्पेक्टर अमित ने बताया कि प्राथमिक जांच और पूछताछ के दौरान यह बात सामने आई कि आरोपी हनी पठानिया ने पीड़ित के ट्रस्ट वॉलेट का अनऑथराइज्ड एक्सेस हासिल किया। इसके बाद उसने ₹58 लाख की USDT क्रिप्टो करेंसी को अपने अलग-अलग ट्रस्ट वॉलेट्स में ट्रांसफर कर लिया। आरोपी ने आगे विभिन्न एक्सचेंजों और मोबाइल एप्लिकेशनों के जरिए इस क्रिप्टो करेंसी को भारतीय रुपयों में बदला और रकम को अपने अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कर लिया। साइबर पुलिस अब आरोपी के बैंक खातों, क्रिप्टो एक्सचेंजों और अन्य वित्तीय लेन-देन की विस्तृत जांच कर रही है ताकि पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके। साइबर सैल इंचार्ज इंस्पेक्टर अमित की आम जनता से अपील साइबर सैल इंचार्ज इंस्पेक्टर अमित ने लोगों को ऑनलाइन फ्रॉड और फर्जी क्रिप्टो निवेश से सावधान रहने की सख्त सलाह दी है: फर्जी इन्वेस्टमेंट स्कीमों से बचें: किसी भी प्रकार की लुभावनी या फर्जी ऑनलाइन इन्वेस्टमेंट स्कीमों, बिटकॉइन और USDT कॉइन्स के नाम पर अधिक मुनाफा देने वाले झांसों में न आएं। गोपनीयता बनाए रखें: अपने क्रिप्टो वॉलेट की सीक्रेट की, रिकवरी फ्रेज, पासवर्ड, पिन या बैंक OTP कभी भी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें। साइबर फ्रॉड होने पर तुरंत करें शिकायत: यदि आपके साथ किसी भी प्रकार की ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी होती है, तो बिना समय गंवाए तुरंत राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या आधिकारिक पोर्टल www.cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज करवाएं। इसके अलावा नजदीकी साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में भी तुरंत संपर्क करें।



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