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झालावाड़ के खानपुर उपखंड में इस साल पहली बार पानी से लबालब हुए परवन बांध के दो गेट खोलकर पानी की निकासी शुरू कर दी गई है। बांध का जलस्तर बढ़ने से डूब क्षेत्र के हनोती, महुवाखेड़ा, बरेड़ा समेत कई गांवों के खेतों में पानी भरने लगा था। इससे किसानों की खड़ी फसलों के खराब होने का खतरा पैदा हो गया था। 100 किसानों ने की थी गेट खोलने की मांग फसल बचाने के लिए करीब 100 किसान पूर्व विधायक नरेंद्र नागर से मिले और बांध के गेट खोलकर जलस्तर कम करने की मांग की। किसानों की समस्या को नागर ने पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के सामने रखा। इसके बाद मुख्यमंत्री कार्यालय से निर्देश मिलने पर बीती रात बांध के गेट खोलकर पानी की निकासी शुरू की गई। जलस्तर 303 तक रखने की मांग पूर्व विधायक नरेंद्र नागर के अनुसार, बांध का जलस्तर कम होने से करीब एक सप्ताह में किसानों को राहत मिल सकती है। उनका कहना है कि बांध का जलस्तर 308 की जगह 303 तक रखा जाए, तो डूब क्षेत्र के किसानों को काफी फायदा होगा। ग्रामीणों को मुआवजा मिल चुका है, लेकिन खेतों में बोई गई फसलें पानी भरने से खराब हो रही हैं। किसानों का कहना है कि समय रहते जलस्तर कम नहीं किया गया तो खड़ी फसलों को नुकसान हो सकता है। गेट खुलते ही किसानों ने लगाए नारे बांध स्थल पर गेट खोले जाने के दौरान मौजूद किसानों ने पूर्व विधायक नरेंद्र नागर और पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के समर्थन में नारे लगाए। किसानों ने फसलों को पानी से बचाने के लिए बांध का जलस्तर नियंत्रित रखने की मांग की। अभी 0.6-0.6 सेंटीमीटर खुले हैं दोनों गेट परवन बांध के अधीक्षण अभियंता (एसई) महेंद्र सिंह ने बताया कि वर्तमान में बांध के दो गेट 0.6-0.6 सेंटीमीटर खोले गए हैं। इनसे पानी की निकासी की जा रही है। इससे पहले बीती रात दोनों गेट करीब एक-एक फीट तक खोलकर लगभग 2600 क्यूसेक पानी की निकासी की गई थी।
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परवन बांध के दो गेट खोले:डूब क्षेत्र के गांवों की फसलों को राहत की उम्मीद, किसानों की मांग पर हुई कार्रवाई
