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पाली में 26 प्रत्याशियों को 50 वोट भी नहीं मिले:8 वोट से हो गई हार, 256 वोटर्स ने किसी को नहीं किया पसंद, पढ़ें रोचक नतीजे




पाली नगर निकाय चुनाव में 244 प्रत्याशियों के बीच मुकाबले के बाद कई रोचक आंकड़े सामने आए हैं। 26 प्रत्याशी 50 से कम वोटों में सिमट गए, इनमें सबसे कम सिर्फ 2 वोट मिले। दूसरी ओर सबसे बड़ी जीत 1427 वोटों की रही, जबकि सबसे कांटे के मुकाबले में महज 8 वोटों का अंतर रहा। चुनाव में 256 मतदाताओं ने किसी भी प्रत्याशी को पसंद नहीं किया और NOTA का बटन दबाया। वार्ड 2 में सबसे ज्यादा 34 और वार्ड 6 में 33 लोगों ने NOTA चुना। यानी किसी वार्ड में प्रत्याशी कुछ ही वोटों से जीते तो कहीं हजार से ज्यादा वोटों के अंतर से जीत दर्ज हुई। कुछ मुकाबले बेहद कांटे के रहे, सबसे कम अंतर सिर्फ 8 वोट नतीजों में कुछ वार्डों में मुकाबला आखिरी वोट तक पहुंचा। वार्ड 60 में कांग्रेस की उषा ने निर्दलीय दरिया को सिर्फ 8 वोटों से हराया। वार्ड 39 में कांग्रेस की अनामिका सोलंकी ने भाजपा के पीयूष शर्मा को 12 वोटों से हराया। वार्ड 17 में निर्दलीय सुलेमान खान ने निर्दलीय शिवेन्द्रसिंह राजपुरोहित को 20 वोटों से, वार्ड 41 में निर्दलीय कांतिलाल वैष्णव ने भाजपा के लुम्बाराम चौधरी को 24 वोटों से और वार्ड 10 में कांग्रेस के नरपत ने भाजपा के रामदयाल को 28 वोटों से हराया। वहीं वार्ड 35 में कांग्रेस की नजमा ने भाजपा की शाहिना बानो को 1427 वोटों के रिकॉर्ड अंतर से हराया। वार्ड 7 में भाजपा की पानी देवी ने निर्दलीय पार्वती को 1321 वोटों से हराया। वार्ड 55 में भाजपा के जोगेन्द्र सिंह 1012, वार्ड 38 में कांग्रेस की राजबाला हिंगड़ 949 और वार्ड 6 में भाजपा के नरेश 943 वोटों के अंतर से जीते। 256 मतदाताओं ने NOTA चुना, वार्ड 2 में सबसे ज्यादा पाली के सभी 65 वार्डों में 256 मतदाताओं ने किसी भी प्रत्याशी को पसंद नहीं किया और NOTA का बटन दबाया। वार्ड 2 में सबसे ज्यादा 34 मतदाताओं ने NOTA चुना। इसके बाद वार्ड 6 में 33 लोगों ने किसी भी उम्मीदवार को वोट न देकर NOTA का विकल्प चुना। बड़े नामों की हार भी चुनाव में चर्चा का विषय रही कई चर्चित प्रत्याशियों को भी हार का सामना करना पड़ा। वार्ड 25 से पूर्व नेता प्रतिपक्ष हकीम भाई निर्दलीय प्रत्याशी से 79 वोटों से हार गए और तीसरे नंबर पर रहे। कांग्रेस की महापौर की दावेदारों में शामिल लीला चौधरी भी 215 वोटों से हारकर तीसरे स्थान पर रहीं। इस वार्ड से निर्दलीय शबनम जीतीं। वार्ड 21 में कांग्रेस नेता जीवराज बोराणा 497 वोटों से हार गए। वार्ड 4 में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिलीप ओड 629 वोटों से हारकर तीसरे स्थान पर रहे। वार्ड 19 में कांग्रेस की ओमा चौधरी को भी निर्दलीय ओटाराम ने 663 वोटों से हरा दिया। कुछ जीत ने बदला चुनावी चर्चा का रुख वार्ड 39 में कांग्रेस की अनामिका सोलंकी ने भाजपा के पीयूष शर्मा को सिर्फ 12 वोटों से हराया। यह वार्ड भाजपा का गढ़ माना जाता है। वार्ड 26 में भाजपा की पूर्व सभापति कुसुम सोनी निर्दलीय मैदान में उतरीं और भाजपा के शिवजी प्रजापत को 117 वोटों से हरा दिया। यहां शिवजी के बाहरी प्रत्याशी होने का वार्डवासियों ने विरोध किया था। वार्ड 23 में कांग्रेस की शीला ने भाजपा की खुशबू लोढ़ा को 106 वोटों से हराया। इस वार्ड में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष भी रहते हैं। इन नतीजों में कांग्रेस की अनामिका सोलंकी, शीला और निर्दलीय कुसुम सोनी की जीत भी खास चर्चा में रही। कांटे की टक्कर – कोई 8 वोट से हरा तो कोई 12 वोट से कांग्रेस की नजमा, भाजपा की पानीदेवी रिकॉर्ड वोटों से जीतीं



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