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पीलीभीत में विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस के मौके पर गुरुवार दोपहर 1 बजे स्वशासी राज्य मेडिकल कॉलेज और उससे जुड़े अस्पताल के मानसिक रोग विभाग ने एक साइको ड्रामा का मंचन किया। इसका मकसद आत्महत्या रोकने और मानसिक स्वास्थ्य के लिए समाज में जागरूकता बढ़ाना था। इस कार्यक्रम में असली जिंदगी से जुड़ी चार मुख्य बातें दिखाई गईं। इनमें प्रेम प्रसंग में असफलता, शराब की लत, समलैंगिकता से जुड़ा सामाजिक तनाव और प्रतियोगी परीक्षाओं का दबाव शामिल था। ड्रामा के जरिए यह संदेश दिया गया कि मानसिक परेशानी में लोगों के व्यवहार में आने वाले बदलावों को पहचानना और समय पर मदद करना कितना जरूरी है। देखें, 3 तस्वीरें… मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. अमित कुमार ने कहा कि मानसिक तनाव से जूझ रहे व्यक्ति को अपनी परेशानी बताने के लिए बढ़ावा देना चाहिए। परिवार का सहयोग और विशेषज्ञ की सलाह बेहद जरूरी है। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एस.पी. सिंह ने अकेलेपन से बाहर आने और एक-दूसरे से बात करने की अपील की।
वाइस प्रिंसिपल डॉ. अरुण सिंह ने बताया कि समय रहते खतरे के संकेतों को पहचानकर कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं। मानसिक रोग विभाग की हेड डॉ. प्रियंका भटनागर ने कहा कि उनका मकसद मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी झिझक को खत्म कर लोगों को सही समय पर डॉक्टर की सलाह लेने के लिए प्रेरित करना है। इस साइको ड्रामा में इंटर्न डॉक्टर प्रणव, भूपेश, काव्या, इति, तौफीक, भर आलम, मरियम, आशुतोष, आकृति, वासी और शिवांशु ने अलग-अलग भूमिकाएं निभाईं। कार्यक्रम में डॉ. हुमा खान, डॉ. रविंद्र गंगवार समेत दूसरे डॉक्टर, स्टाफ नर्स, स्वास्थ्यकर्मी और आम लोग मौजूद थे। कार्यक्रम का मुख्य संदेश था: “बात करें, सुनें और साथ दें—एक संवेदनशील कदम किसी की जिंदगी बचा सकता है।”
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पीलीभीत मेडिकल कॉलेज में साइको ड्रामा से जागरूकता संदेश:विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस पर आत्महत्या रोकने के लिए किया गया मंचन
