उदयपुर की अधिवक्ता की बेटी शुभिका जोशी।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के ऐसे डिजाइन और फीचर्स पर अब सवाल उठ रहे हैं, जिन्हें उपयोगकर्ताओं को बार-बार और लंबे समय तक प्लेटफॉर्म पर बनाए रखने के लिए तैयार किया जाता है। इस मुद्दे को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है।
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इस याचिका को दायर करने वाली अधिवक्ता टीम में उदयपुर की बेटी अधिवक्ता शुभिका जोशी भी शामिल हैं। शुमिका ने बताया कि कानून के प्रोफेसर डॉ. विकास कथूरिया द्वारा दायर जनहित याचिका में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के ‘एडिक्टिव डिजाइन’ और आर्किटेक्चर को सीधे निशाना बनाया गया है।
याचिका में भारत में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे ऐसे डिजाइन फीचर्स पर रोक लगाने, उन्हें नियंत्रित या विनियमित करने की मांग की गई है, जो सोशल मीडिया के अत्यधिक और समस्याग्रस्त इस्तेमाल को बढ़ावा दे सकते हैं।
याचिका में खास तौर पर इनफिनिट स्क्रॉल, ऑटोप्ले, एल्गोरिदम आधारित क्यूरेटेड फीड, लगातार आने वाले नोटिफिकेशन और ‘लाइक्स’ जैसे वैरिएबल रिवार्ड फीचर्स का उल्लेख किया गया है। याचिका के अनुसार ये फीचर्स उपयोगकर्ताओं का ध्यान खींचने और उसे लंबे समय तक बनाए रखने के उद्देश्य से डिजाइन किए जाते हैं।

सोशल मीडिया के ज्यादा यूज से मानसिक स्वास्थ्य पर असर
याचिका में बच्चों और किशोरों को लेकर विशेष चिंता जताई गई है। इसमें कहा गया है कि सोशल मीडिया के अत्यधिक और समस्याग्रस्त इस्तेमाल का असर किशोरों के मानसिक स्वास्थ्य, कल्याण और विकास पर पड़ सकता है। इसी आधार पर ऐसे डिजाइन फीचर्स के इस्तेमाल को लेकर नियमन की जरूरत बताई गई है।
याचिका में मांग की गई है कि जब तक इस संबंध में कानून नहीं बनता, तब तक उचित दिशा-निर्देश जारी किए जाए। साथ ही सोशल मीडिया के इन डिजाइन फीचर्स से उपयोगकर्ताओं को हुए नुकसान के लिए जवाबदेही तय करने और उचित मुआवजे की व्यवस्था करने की मांग भी की गई है।
मामला अगले सप्ताह दूसरी पीठ के समक्ष होगा सूचीबद्ध
शुभिका जोशी ने बताया कि यह मामला 9 सितंबर 2026 को दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष सूचीबद्ध था। हालांकि, पीठ के एक न्यायाधीश के मामले से अलग होने के बाद अब इसे अगले सप्ताह दूसरी पीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया जाएगा।
