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पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के ‘हर बूथ, कांग्रेस मजबूत’ अभियान के तहत बुधवार को तलवंडी बाईपास स्थित ढींगड़ा पैलेस में ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के महासचिव एवं पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल तथा पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के नेतृत्व में जिला कांग्रेस कमेटी की बैठक में पार्टी की गुटबंदी उभर कर सामने आई। दोनों नेताओं ने कार्यकर्ताओं में वर्ष 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव को लेकर जोश भरते हुए संगठन को बूथ स्तर पर मजबूत करने का आह्वान किया लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के करीबी माने जाने वाले फरीदकोट के पूर्व विधायक कुशलदीप सिंह किक्की ढिल्लों समेत जिले की तीनों विधानसभा सीटों से वर्ष 2022 का चुनाव लड़ने वाले कांग्रेस नेता और उनके समर्थक बैठक में शामिल नहीं हुए। इस मौके पर पत्रकारों से बातचीत में भूपेश बघेल ने कहा कि कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है और इन बैठकों के माध्यम से कांग्रेस को बूथ स्तर पर मजबूत बनाने का संदेश दिया जा रहा है। वहीं, अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस 50 प्रतिशत टिकट युवाओं को देने की पैरवी करेगी। उन्होंने कहा कि इस संबंध में वह कांग्रेस नेता राहुल गांधी के समक्ष मजबूती से अपनी बात रखेंगे। जब उनसे किक्की ढिल्लों और अन्य नेताओं की अनुपस्थिति पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि संभव है उन्हें कोई जरूरी काम रहा हो, इसकी सही जानकारी वही दे सकते हैं। सीएम मान के खिलाफ भी चुनाव लड़ने को तैयार हूं-वड़िंग राजा वड़िंग ने कहा कि हाई कमान हुक्म करेगा तो वह चुनाव लड़ेंगे, पार्टी जहां से भी उन्हें चुनाव लड़ने के लिए कहेगी, वह पीछे नहीं हटेंगे, चाहे उन्हें मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के खिलाफ ही चुनाव क्यों न लड़ना पड़े। इस बैठक में उन्हें जानबूझकर बुलाया ही नहीं गया- किक्की ढिल्लों उधर पूर्व विधायक किक्की ढिल्लों ने पंजाब कांग्रेस की तरफ से हर बूथ कांग्रेस मजबूत अभियान का जो पत्र जारी किया गया था,उसमें स्पष्ट था कि 2022 के उम्मीदवार बुलाए जाएंगे लेकिन फरीदकोट जिले की तीनों विधानसभा सीटों के प्रत्याशी नहीं बुलाए गए।
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फरीदकोट में कांग्रेस की बैठक में उभरी गुटबंदी:किक्की ढिल्लों समेत 2022 के उम्मीदवार रहे नदारद; वड़िंग ने दी सफाई
