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फरीदाबाद में महंगाई के खिलाफ प्रदर्शन:नुक्कड़ नाटक के माध्यम से बताया आम आदमी का दर्द, सरकार से रोकथाम की मांग




फरीदाबाद में बढ़ती महंगाई के खिलाफ फरीदाबाद जन संघर्ष समिति के कार्यकर्ताओं ने एनआईटी-5 स्थित माता गुजरी चौक मोड़ पर नुक्कड़ नाटक कर सरकार के खिलाफ अपना विरोध जताया। समिति के लोगों ने नाटक के जरिए आम आदमी की परेशानी को सामने रखा और कहा कि लगातार बढ़ती महंगाई ने गरीब और मजदूर वर्ग की कमर तोड़ दी है। लोगों को जागरूक करने के साथ सरकार से महंगाई पर तत्काल नियंत्रण करने की मांग की गई। नुक्कड़ नाटक के माध्यम से उठाया मुद्दा नुक्कड़ नाटक के दौरान उन्होंने रोजमर्रा की जरूरत की चीजों की बढ़ती कीमतों को मुद्दा बनाया। नाटक में चीनी, सरसों का तेल, दाल और पेट्रोल की कीमतों का जिक्र करते हुए बताया गया कि खाने-पीने के सामान से लेकर वाहन चलाने तक हर जगह आम आदमी की जेब पर बोझ बढ़ता जा रहा है। कार्यकर्ताओं का कहना था कि आमदनी सीमित है, लेकिन खर्च लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में घर चलाना मुश्किल होता जा रहा है। नाटक के दौरान एक व्यक्ति ‘महंगाई डायन’ की वेशभूषा में नजर आया। उसने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचते हुए महंगाई के कारणों को लेकर सवाल उठाए। कार्यकर्ताओं ने कहा कि इस तरह का गेटअप सिर्फ मनोरंजन के लिए नहीं, बल्कि लोगों को यह समझाने के लिए किया गया है कि आखिर महंगाई की जड़ क्या है और इसका सबसे ज्यादा असर किस वर्ग पर पड़ रहा है। लोगों के बजट पर असर डाल रही महंगाई समिति के लोगों ने बताया कि चीनी 62 रुपए प्रति किलो से ऊपर पहुंच चुकी है, सरसों का तेल 250 रुपए प्रति लीटर से अधिक हो गया है और दालों के दाम भी 150 रुपए प्रति किलो से ऊपर बताए जा रहे हैं। पेट्रोल की कीमत भी 100 रुपए प्रति लीटर से ज्यादा होने का दावा करते हुए उन्होंने कहा कि महंगा पेट्रोल लोगों के बजट पर सीधा असर डाल रहा है। समिति के लोगों ने कहा कि महंगाई की सबसे बड़ी मार मजदूर और कम आय वाले परिवारों पर पड़ रही है। उनका कहना था कि 12 से 16 हजार रुपए महीने कमाने वाले मजदूर के लिए राशन, किराया, बिजली, बच्चों की पढ़ाई और अन्य जरूरी खर्च पूरे करना लगातार कठिन होता जा रहा है। वहीं, महंगाई बढ़ने का असर बड़े पूंजीपतियों पर उतना नहीं पड़ता, जितना सीमित आय वाले परिवारों पर पड़ता है। सरकार से महंगाई पर रोक लगाए जाने की मांग समिति के लोगों ने सरकार से मांग की कि जरूरी वस्तुओं और पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों पर लगाम लगाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि महंगाई पर जल्द नियंत्रण नहीं किया गया तो आम आदमी की मुश्किलें और बढ़ेंगी। नुक्कड़ नाटक के माध्यम से लोगों को जागरूक करते हुए समिति ने महंगाई के खिलाफ आवाज बुलंद करने का संदेश दिया।



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