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फॉरेक्स ट्रेडिंग कंपनी पर अरबों की ठगी का आरोप:10 राज्यों के इन्वेस्टरों ने डोंगरगढ़ थाने का किया घेराव; कहा- कुलजीत भाटिया ने इन्वेस्ट कराया




फॉरेक्स ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म ‘लॉन्ग एशिया’ के जरिए ठगी का आरोप लगाते हुए देश के 10 राज्यों से आए 100 से ज्यादा इन्वेस्टर रविवार को डोंगरगढ़ पहुंचे। इन्वेस्टरों ने रेलवे चौक स्थित वैसलियन चर्च के पास मकान का घेराव किया। उनका आरोप है कि इस नेटवर्क के तार डोंगरगढ़ से जुड़े हैं। इन्वेस्टरों का आरोप है कि कुलजीत सिंह भाटिया ने ऑनलाइन जूम मीटिंग, सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल माध्यमों से फॉरेक्स ट्रेडिंग में ज्यादा मुनाफे का लालच दिया। शुरुआत में अच्छा रिटर्न मिलने से लोगों का भरोसा बढ़ा। कई इन्वेस्टरों ने अपनी जमा पूंजी के साथ कर्ज लेकर भी इन्वेस्टमेंट किया। उनका दावा है कि फरवरी 2026 से प्लेटफॉर्म ने “टेक्निकल इश्यू” का हवाला देकर विथड्रॉल बंद कर दिया। इसके बाद पैसा फंस गया और पेमेंट्स मिलना बंद हो गया। आरोप है कि इस नेटवर्क में कुलजीत समेत 5 लोग शामिल हैं और देशभर के एक लाख से ज्यादा इन्वेस्टर प्रभावित हुए हैं। उनका कहना है कि फंसी हुई रकम अरबों रुपए तक पहुंच गई है। हालांकि, इन दावों की अभी तक पुलिस या किसी सरकारी एजेंसी ने आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। देखिए पहले ये तस्वीरें- इन्वेस्टरों ने की निष्पक्ष जांच की मांग नागपुर के इन्वेस्टर रविशंकर बाघ ने आरोप लगाया कि कुलजीत सिंह भाटिया, जोगेंद्र वर्मा और अभय कुनले समेत कुछ लोगों ने फॉरेक्स ट्रेडिंग के नाम पर निवेश कराया। उन्होंने कहा कि प्रभावित इन्वेस्टर राजनांदगांव एसपी और रेंज आईजी से मिलकर निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग करेंगे। एक बार भी पैसे विथड्रॉल नहीं किया पीड़ित कुटरजन मिर्जी ने बताया कि मैंने साढ़े 8 लाख रुपए इन्वेस्ट किया है, लेकिन एक बार भी पैसे विथड्रॉल नहीं किया था। मैं मेरे लीडर पंडू और गंगाधर के जरिए फॉरेक्स ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म से जुड़ा था। भीड़ जुटी, पुलिस ने संभाली स्थिति इधर, मौके पर बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने से कुछ देर के लिए जाम जैसी स्थिति बन गई। सूचना मिलने पर पुलिस पहुंची और लोगों को समझाकर हालात सामान्य कराए। थाना प्रभारी भूषण चंद्राकर ने बताया कि अलग-अलग राज्यों से आए लोगों ने ऑनलाइन ठगी की जानकारी दी है। लेकिन डोंगरगढ़ थाने में अभी तक किसी ने लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई है। उन्होंने कहा कि संबंधित क्षेत्र के थाने में शिकायत दर्ज कराने के बाद जरूरत पड़ने पर डोंगरगढ़ पुलिस जांच में सहयोग करेगी।
क्या है ‘लॉन्ग एशिया’? ‘लॉन्ग एशिया’ खुद को ऑनलाइन फॉरेक्स ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म बताता है। सार्वजनिक रिकॉर्ड में इसे भारत में RBI या SEBI से अधिकृत प्लेटफॉर्म होने का प्रमाण नहीं मिला है। न्यूज़ीलैंड की वित्तीय नियामक संस्था FMA इससे जुड़े कुछ डोमेन को लेकर पहले ही चेतावनी जारी कर चुकी है। भारत में फॉरेक्स ट्रेडिंग केवल अधिकृत संस्थाओं और FEMA के नियमों के तहत ही की जा सकती है। फिलहाल इस मामले की सच्चाई जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।



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