Headlines

बलौदाबाजार में पागल कुत्ते ने 13 लोगों को काटा:बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक हुए शिकार,नगर पंचायत ने घंटों आतंक मचाने के बाद घेरकर मारा




बलौदाबाजार के पलारी नगर में शनिवार को एक पागल कुत्ते ने कई घंटों तक आतंक मचाए रखा। सुबह करीब 11 बजे से शाम तक इस कुत्ते ने अलग-अलग जगहों पर घूमकर 13 लोगों को काटकर घायल कर दिया। घायलों में छोटे बच्चे, स्कूली छात्र, महिलाएं, बुजुर्ग और बस स्टैंड पर पहुंचे यात्री शामिल हैं। लोगों पर लगातार हमले की सूचना मिलने के बाद नगर पंचायत की टीम ने कुत्ते की तलाश शुरू की और देर शाम उसे घेरकर मार दिया। इस घटना के बाद पूरे नगर में दहशत का माहौल रहा। कुत्ते के हमले की शुरुआत सुबह करीब 11 बजे हुई। साढ़े तीन साल के बादल घृतलहरे को तबीयत खराब होने पर परिजन पलारी अस्पताल लाए थे। खून की जांच के लिए उसे लैब के सामने ले जाया जा रहा था, तभी कुत्ते ने उस पर हमला कर दिया। इसके बाद कुत्ता अलग-अलग इलाकों में घूमता रहा और लगातार लोगों को काटता रहा। कुत्ते के हमले में भवानीपुर के 53 वर्षीय तोमन लाल सेन भी घायल हुए। वे बस से पलारी पहुंचे थे और बस स्टैंड पर कुत्ते ने उनके पैर में काट लिया। इसी जगह गांव जाने के लिए अपने 20 महीने के बेटे पूरब देवांगन के साथ पहुंची 24 वर्षीय अमरीका देवांगन को भी कुत्ते ने काट लिया। जगलोर के 7 वर्षीय विवान मांडेकर की कमर और 10 वर्षीय केवास डीडी के हाथ और कंधे पर कुत्ते ने हमला किया। स्कूल से छुट्टी के बाद घर जा रहे छात्र समीर साहू के पैर में भी कुत्ते ने काट लिया। इसके अलावा 17 वर्षीय प्रेरणा कनौजे के पैर और जांघ, 12 वर्षीय हिमानी कुर्रे के पैर, 10 वर्षीय प्रज्ञा यादव के सीने, 18 वर्षीय लक्ष्मी डहरिया के पैर और 12 वर्षीय दिनेश साहू के कंधे और पीठ पर कुत्ते ने काटा। 7 वर्षीय भूमि गेंड़रे के हाथ में भी कुत्ते ने काट लिया। पुलिस थाने के पीछे क्वार्टर में रहने वाले एक पुलिसकर्मी के बच्चे पर भी कुत्ते ने हमला किया। पलारी अस्पताल के बीएमओ डॉ. पंकज वर्मा ने बताया कि सुबह एक बच्चे को लैब के सामने कुत्ते ने काट लिया था। इसके बाद एक-एक करके घायल अस्पताल पहुंचते रहे। शाम तक कुल 13 लोगों का इलाज किया गया। सभी घायलों को एंटी रेबीज वैक्सीन और इम्युनोग्लोबुलिन की डोज दी गई। बीएमओ ने लोगों से अपील की कि कुत्ते के काटने पर बिना देरी किए अस्पताल पहुंचें और इलाज कराएं। पशु चिकित्सक डॉ. पुष्पा चंद्राकर ने बताया कि रेबीज से संक्रमित कुत्ता ज्यादा आक्रामक हो सकता है और बिना वजह लोगों पर हमला कर सकता है। ऐसे कुत्ते को तुरंत अलग करना जरूरी है। उन्होंने लोगों को आवारा और संदिग्ध व्यवहार वाले कुत्तों से दूर रहने की सलाह दी। बताया गया कि कुछ दिन पहले लक्ष्मणपुर गांव में भी एक कुत्ते ने 11 बच्चों को काट लिया था। लगातार ऐसी घटनाएं सामने आने के बाद लोगों ने नगर में आवारा कुत्तों की समस्या को लेकर प्रशासन से ठोस कार्रवाई की मांग की है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *