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चाईबासा| अपनी 12 वर्षीया बहन के साथ दुष्कर्म किए जाने के संदेह में 23 वर्षीया महिला द्वारा 63 वर्षीय वृद्ध की जलावन लकड़ी से पीट-पीटकर हत्या किए जाने का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। घटना शहर से सटे मुफस्सिल थाना क्षेत्र अंतर्गत गितिलपी गांव की है। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेने के बाद रविवार को सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। इस मामले में पुलिस ने आरोपी महिला को हिरासत में ले लिया है। ग्रामीणों ने बताया कि मंझारी थाना क्षेत्र अंतर्गत सोना पोस निवासी मृतक सुभाष मटिया, मुफस्सिल थाना क्षेत्र अंतर्गत गितिलपी गांव में अपने दामाद दुर्गा चरण सवैंया के घर रहकर मजदूरी करता था। इससे उसका परिवार चलता था। वह राजमिस्त्री के साथ-साथ कविराज का काम भी जानता था। घटना के संबंध में मृतक की बेटी तथा ग्रामीणों ने बताया कि 23 वर्षीय महिला रसमणि देवी की 12 वर्षीय छोटी बहन ने शनिवार को अपनी दीदी से शिकायत की कि सुभाष मटिया ने उसके साथ दुष्कर्म किया है। इसे लेकर गांव में दोनों परिवारों के बीच शनिवार को विवाद भी हुआ था। ग्रामीणों ने दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया। इसे लेकर ग्रामीणों ने रविवार को गांव में बैठक भी बुलाई थी। लेकिन अपराह्न करीब चार बजे महिला ने जलावन लकड़ी का टुकड़ा लेकर वृद्ध सुभाष मटिया के दामाद दुर्गा चरण सवैंया के घर पहुंची। वहां कमरे के अंदर सुभाष मटिया नींद में सोया हुआ था। उस समय घर पर कोई नहीं था। कमरे के अंदर घुसते ही महिला ने नींद में सो रहे सुभाष मटिया के सिर और सीने पर जलावन लकड़ी से वार कर उसकी हत्या कर दी। इसकी जानकारी होने पर सुभाष मटिया के दामाद तथा ग्रामीण उसे बचाने के लिए सदर अस्पताल पहुंचे। लेकिन सदर अस्पताल के चिकित्सक ने जांच के बाद मटिया को मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस ने महिला को हिरासत में ले लिया। भास्कर न्यूज| चाईबासा पश्चिमी सिंहभूम जिले के हाट गम्हारिया थाना से 500 मीटर की दूरी पर पुलिस जीप के पीछे बाइक टकराने से गंभीर रूप से घायल बाइक चालक, 30 वर्षीय रूईया माबुरूसाई निवासी वीरेंद्र खंडाईत की मौत सदर अस्पताल ले जाने के क्रम में रास्ते में ही हो गई। वहीं, साथ में बाइक पर बैठे मंगल सिंह खंडाईत भी घायल है। मामूली चोट के कारण गांव स्थित स्वास्थ्य केंद्र में इलाज कराया गया। वीरेंद्र खंडाईत व गांव के मंगल सिंह खंडाईत बाइक से झींकपानी जोड़ापोखर साप्ताहिक हाट जा रहे थे। मिली जानकारी के मुताबिक, हाट गम्हारिया थाना से करीब 500 मीटर की दूरी पर थाना की एक जीप तेज रफ्तार में एक ट्रक का पीछा कर रही थी। इसी क्रम में तेज रफ्तार पुलिस जीप अचानक रुक गई। वहीं पीछे से आ रही बाइक अनियंत्रित होकर पुलिस जीप से टकरा गई। इस घटना में बाइक चालक वीरेंद्र खंडाईत के सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में अंदरूनी गंभीर चोटें आईं। पीछे बैठे बाइक सवार मंगल सिंह खंडाईत को मामूली चोट लगी। इधर बाइक टकराने के बाद पुलिस जीप वहां से निकल गई। गंभीर रूप से घायल वीरेंद्र को ई-रिक्शा चालक के सहयोग से मंगल सिंह खंडाईत गम्हरिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने गंभीर हालत देखते हुए चाईबासा सदर अस्पताल रेफर कर दिया। मामूली रूप से चोटिल मंगल खंडाईत ने वीरेंद्र को चाईबासा सदर अस्पताल पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। दूसरे दिन रविवार को अंतिम संस्कार की तैयारी चल रही थी। इसी क्रम में गांव के मुंडा तथा समाजसेवी झींकपानी निवासी जितेंद्र गोप ने पुलिस अधीक्षक को दूरभाष पर इसकी जानकारी दी। इसके बाद पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर थाना पुलिस सक्रिय हुई। गांव पहुंच पुलिस ने कागजी प्रक्रिया पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल ले गई। वहां थाना पुलिस ने कांग्रेसी नेता दिकू सवैया एवं समाजसेवी जितेंद्र गोप की उपस्थिति में मृतक की पत्नी के बयान पर संबंधित मामला दर्ज किया। इस संबंध में झींकपानी के समाजसेवी जितेंद्र गोप ने कहा कि उनके प्रयास से पुलिस ने मामला दर्ज किया। पोस्टमार्टम कराया गया। थाना पुलिस ने मृतक के परिवार को इतना डराया कि वे शव को बिना पोस्टमार्टम कराए ही गांव ले गए। इस घटना में पुलिस की भूमिका पर कई सवाल उठ रहे हैं। पुलिस जीप से टकराने के बावजूद जीप सवार थाना के पुलिसकर्मियों ने घायल बाइक चालक को मानवता के नाते इलाज के लिए अस्पताल तक नहीं पहुंचाया। मृतक की पत्नी चंपू खंडाईत ने बताया कि उनकी दो छोटी-छोटी बच्चियां हैं। एक 3 व दूसरी 2 साल की है। पति के गुजर जाने से दोनों बच्चों के लालन-पालन की समस्या उनके सामने आ गई है। वीरेंद्र राज्य से बाहर मजदूरी करता था।
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बहन के साथ दुष्कर्म के संदेह में महिला ने लकड़ी से पीटकर की वृद्ध की हत्या
