![]()
बालोद जिले के डौंडी ब्लॉक के लिमहाटोला गांव में बुधवार दोपहर बिजली गिरने से आठ मवेशियों की मौत हो गई। हादसे में 100 से अधिक मवेशियों को चराने ले गया चरवाहा बाल-बाल बच गया। यह हादसा लिमहाटोला से कुसुमटोला मार्ग पर चौरका भट्ठी के पास दोपहर करीब 3:15 बजे हुआ। चरवाहा रोज की तरह गांव के मवेशियों को चराने ले गया था। इसी दौरान मौसम खराब हो गया और गर्जना के साथ तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश से बचने के लिए कई मवेशी एक पेड़ के नीचे खड़े हो गए। तभी अचानक आकाशीय बिजली गिर गई। इसकी चपेट में आकर छह गाय, एक बैल और एक बछड़े की मौके पर ही मौत हो गई। झुंड में मौजूद अन्य मवेशी सुरक्षित रहे। ग्रामीणों की लगी भीड़, मुआवजे की मांग घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। मृत मवेशी लिमहाटोला निवासी बंशीलाल भूआर्य, दुलार मड़ावी, रवि कोरेटी और राजकुमार साहू के बताए जा रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से पंचनामा कराकर पशुपालकों को नियमानुसार मुआवजा देने की मांग की है। जिले में दिनभर हुई तेज बारिश बुधवार को बालोद जिले में सुबह से शाम तक गर्जना के साथ तेज बारिश हुई। मंगलवार सुबह 8:30 बजे से बुधवार सुबह 8:30 बजे तक जिले में औसतन 69.1 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। कई इलाकों में जलभराव, घरों में घुसा पानी तेज बारिश के कारण बालोद शहर के सिविल लाइन, सिंधी कॉलोनी और कुंदरू पारा के कई गली-मोहल्लों में जलभराव हो गया। कुछ घरों में भी पानी घुस गया, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। पुलों के ऊपर बहा 3 से 4 फीट पानी डौंडी क्षेत्र में सियादेवी मंदिर के पास पुल के ऊपर करीब 4 फीट पानी बहने से आवागमन प्रभावित रहा। वहीं, गुरूर ब्लॉक में देवरानी-जेठानी नाला दर्रा और अकलवारा नाला उफान पर आ गए। यहां भी पुलों के ऊपर 3 से 4 फीट पानी बहने से ग्रामीणों की आवाजाही प्रभावित रही। जलाशयों का बढ़ा जलस्तर लगातार बारिश के चलते जिले के प्रमुख जलाशयों का जलस्तर बढ़ गया है। सिंचाई विभाग के अनुसार तांदुला, गोंदली, खरखरा और मटियामोती बांध के कैचमेंट एरिया में भी अच्छी बारिश दर्ज की गई है।
Source link
बालोद में बिजली से 8 मवेशियों की मौत:पेड़ के नीचे खड़े मवेशी चपेट में आए, बाल-बाल बचा चरवाहा
