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जालोर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने स्वास्थ्य बीमा क्लेम से जुड़े मामले में पुनासा निवासी लाधूराम के पक्ष में फैसला सुनाया है। आयोग ने न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को कुल 58 हजार 613 रुपए का भुगतान करने के निर्देश दिए हैं। इसमें चिकित्सा खर्च, मानसिक संताप और परिवाद व्यय शामिल हैं। आयोग ने भुगतान के लिए 45 दिन की समय सीमा तय की है। निर्धारित अवधि में राशि नहीं देने पर 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना होगा। पत्नी के इलाज पर 38,613 रुपए खर्च किए थे
परिवाद के अनुसार भीनमाल तहसील के पुनासा निवासी लाधूराम ने अपनी पत्नी के लिए स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी ली थी। इसके लिए उन्होंने 2 हजार 811 रुपए प्रीमियम जमा कराया था। बीमारी के चलते उनकी पत्नी 3 से 5 मार्च 2019 तक चौधरी भूपेन्द्र अस्पताल में भर्ती रहीं। यहां ऑपरेशन और उपचार पर कुल 38 हजार 613 रुपए खर्च हुए। दस्तावेज देने के बाद भी क्लेम नहीं मिलने का आरोप
परिवादी का आरोप था कि चिकित्सा संबंधी आवश्यक दस्तावेज बीमा कंपनी के सामने प्रस्तुत करने के बावजूद क्लेम का भुगतान नहीं किया गया। इसके बाद उन्होंने आयोग के समक्ष परिवाद पेश किया। उन्होंने दस्तावेज उपलब्ध कराने के संबंध में शपथ पत्र और दस्तावेज साक्ष्य भी प्रस्तुत किए। 38,613 रुपए चिकित्सा खर्च, 20 हजार रुपए मानसिक संताप-परिवाद व्यय
आयोग के अध्यक्ष घनश्याम यादव और सदस्य निरंजन शर्मा ने 15 सितंबर 2026 को आदेश पारित किया। इसमें न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी को चिकित्सा खर्च के 38 हजार 613 रुपए, मानसिक संताप के 10 हजार रुपए और परिवाद व्यय के 10 हजार रुपए अदा करने के निर्देश दिए गए। इस तरह बीमा कंपनी को कुल 58 हजार 613 रुपए का भुगतान करना होगा। आयोग ने भुगतान के लिए 45 दिन का समय दिया है। तय अवधि में भुगतान नहीं करने पर 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना होगा। LIC की भीनमाल शाखा और मुंबई कार्यालय को जिम्मेदारी से मुक्त किया
आयोग ने न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी को परिवादी के प्रति उत्तरदायी माना। वहीं, भारतीय जीवन बीमा निगम की भीनमाल शाखा के शाखा प्रबंधक और मुंबई स्थित संबंधित कार्यालय को इस मामले में उत्तरदायित्व से मुक्त कर दिया।
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बीमा-क्लेम नहीं देने पर कंपनी को देने होंगे 58,613 रुपए:45 दिन में भुगतान नहीं करने पर कंपनी को 9% वार्षिक ब्याज देना होगा
