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बेटी की मौत पर चंडीगढ़ डीजीपी से मांगा इंसाफ:मरने से पहले सूर्या का नाम लिया, एक्स पर लिखा माई वाइफ, FIR की मांग




चंडीगढ़ स्थित कैंबवाला में 16 साल की मोनिका की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में परिवार ने अब चंडीगढ़ पुलिस के डीजीपी से इंसाफ की गुहार लगाई है। मोनिका के पिता विमलेश कुमार ने शिकायत देकर आरोप लगाया है कि उनकी बेटी ने 17 अगस्त को जहरीला पदार्थ निगल लिया था और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिवार का आरोप है कि मौत से पहले मोनिका ने अस्पताल में बार-बार सूर्या का नाम लिया था और उससे मिलने की इच्छा जताई थी। परिवार ने सूर्या पर बेटी को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है। परिजनों का कहना है कि उन्होंने थाना-3 पुलिस को कई बार मामले की जानकारी दी, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब परिवार ने डीजीपी, एसएसपी और थाना-3 के एसएचओ को शिकायत देकर एफआईआर दर्ज करने, निष्पक्ष जांच और दोषी पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। घर में बेहोश मिली थी मोनिका शिकायत के मुताबिक, 17 अगस्त की सुबह मोनिका घर में अपनी बड़ी बहन अंशिका और भाई अर्पित के साथ थी। उसके पिता पत्नी को काम पर छोड़ने के लिए घर से बाहर गए थे। इसी दौरान अंशिका ने पिता को फोन कर बताया कि मोनिका घर के अंदर बेहोश पड़ी है। सूचना मिलते ही पिता वापस घर पहुंचे और बेटी को तुरंत सेक्टर-16 स्थित सरकारी मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल लेकर गए। हालत गंभीर होने के कारण उसे पीजीआई रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उसी दिन उसकी मौत हो गई। रिपोर्ट में एल्युमिनियम फॉस्फाइड निगलने की बात परिवार की शिकायत के अनुसार, पीजीआई की ओर से जारी मृत्यु प्रमाण पत्र में मोनिका की मौत का तत्काल कारण ‘रिफ्रैक्टरी शॉक’ बताया गया है, जो एल्युमिनियम फॉस्फाइड निगलने के कारण हुआ। रिपोर्ट में मौत के तरीके को फिलहाल ‘जांच लंबित’ बताया गया है। परिवार का कहना है कि घटनास्थल से ‘क्विकफॉस’ नाम के कीटनाशक का खाली पैकेट भी मिला था। अस्पताल में बार-बार सूर्या का नाम लिया मोनिका के पिता ने शिकायत में दावा किया है कि सेक्टर-16 अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी बेटी होश में थी। उस समय वह बार-बार सूर्या का नाम ले रही थी और उससे मिलने की बात कह रही थी। परिवार के एक सदस्य ने उसकी आवाज रिकॉर्ड कर ली थी। परिवार ने यह रिकॉर्डिंग पुलिस को देकर इसकी जांच कराने की मांग की है। शिकायत के अनुसार, घटना के बाद परिवार ने मोनिका का मोबाइल और सोशल मीडिया खाते चेक किए। इसमें सूर्या से उसकी बातचीत होने की बात सामने आई। परिवार का आरोप है कि सूर्या पहले मोनिका के करीब आया और बाद में उससे दूरी बना ली। परिजनों का मानना है कि इससे मोनिका परेशान हो गई और उसने यह कदम उठाया। हालांकि, इन आरोपों की सच्चाई पुलिस जांच के बाद ही सामने आएगी। मौत के बाद एक्स अकाउंट पर पोस्ट ड़ाला परिजनों ने शिकायत में सूर्या के सोशल मीडिया खाते से जुड़ी एक पोस्ट का भी जिक्र किया है। परिवार का आरोप है कि मोनिका की मौत के बाद सूर्या ने अपने एक्स अकाउंट पर ‘माई वाइफ’ लिखकर पोस्ट की और उसके साथ रोने वाले इमोजी लगाए। परिजनों का कहना है कि इस पोस्ट से भी सूर्या और मोनिका के बीच संबंधों को लेकर सवाल खड़े होते हैं। परिवार चाहता है कि पुलिस इस पोस्ट और सूर्या के पूरे सोशल मीडिया खाते की जांच करे और यह पता लगाए कि दोनों के बीच किस तरह का संपर्क था। चैट में भी मोनिका के परेशान होने का दावा शिकायत के साथ परिवार ने एक लडकी के नाम के संपर्क से हुई बातचीत के स्क्रीनशॉट भी पुलिस को दिए हैं। परिवार का कहना है कि मोनिका की मौत के बाद सूर्या के बारे में पूछे जाने पर देवांशी ने पहले जानकारी होने से इनकार किया और बाद में दोनों को स्कूल का दोस्त बताया। परिवार ने पुलिस से देवांशी समेत मोनिका के दोस्तों और सहपाठियों के बयान दर्ज करने की मांग की है। एक अन्य चैट में मोनिका की ओर से सामने वाले व्यक्ति से बात करने और जवाब देने की अपील किए जाने का दावा किया गया है। परिवार का कहना है कि इन बातचीत से यह संकेत मिलता है कि मौत से पहले मोनिका भावनात्मक रूप से परेशान थी। हालांकि, चैट में इस्तेमाल खाता सूर्या का ही था या किसी अन्य व्यक्ति का, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही होगी। परिवार ने पुलिस को एक मोबाइल नंबर पर भेजे गए मैसेज के स्क्रीनशॉट भी दिए हैं। शिकायत के मुताबिक, इस नंबर पर 9 अगस्त, 12 अगस्त और फिर 17 अगस्त की सुबह संदेश भेजे गए थे। परिवार का दावा है कि यह नंबर सूर्या या उससे जुड़े किसी व्यक्ति के संपर्क में हो सकता है। इसी आधार पर पुलिस से नंबर की कॉल डिटेल और उससे जुड़े डिजिटल रिकॉर्ड की जांच कराने की मांग की गई है। पुलिस को बताने पर कार्रवाई नहीं मोनिका के परिवार का आरोप है कि उन्होंने मामले की जानकारी थाना-3 पुलिस को कई बार दी, लेकिन उनकी शिकायत पर अभी तक वह कार्रवाई नहीं हुई जिसकी वे उम्मीद कर रहे थे। परिवार का कहना है कि बेटी की मौत के बाद वे लगातार इंसाफ की मांग कर रहे हैं। अब उन्होंने पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने की अपील की है। परिवार ने मांग की है कि सूर्या के मोबाइल फोन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, सोशल मीडिया खाते और चैट की जांच की जाए। साथ ही अस्पताल में मोनिका द्वारा सूर्या का नाम लिए जाने वाली ऑडियो रिकॉर्डिंग की फोरेंसिक जांच कराई जाए। डीजीपी से एफआईआर की मांग पिता ने शिकायत में सूर्या के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 के तहत आत्महत्या के लिए उकसाने की एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। इसके साथ ही जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर अन्य धाराएं लगाने की भी मांग की गई है। परिवार ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ करने, डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित करने और गवाहों के बयान दर्ज करने की मांग की है। परिजनों ने पीजीआई से पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विसरा/रासायनिक जांच रिपोर्ट भी हासिल कर जांच में शामिल करने की मांग की है। उनका कहना है कि बेटी नाबालिग थी और उसकी मौत सामान्य नहीं बल्कि बेहद संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है, इसलिए मामले की निष्पक्ष और गहन जांच जरूरी है। मोनिका के पिता ने पुलिस अधिकारियों से कहा है कि उनकी बेटी की मौत के पीछे की पूरी सच्चाई सामने लाई जाए। परिवार ने शिकायत के साथ पीजीआई का मृत्यु प्रमाण पत्र, कीटनाशक के पैकेट की तस्वीर, अस्पताल में बनाई गई ऑडियो रिकॉर्डिंग और चैट के स्क्रीनशॉट समेत कई दस्तावेज सौंपे हैं।



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