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बैतूल में भीम आर्मी की रैली:जातिगत जनगणना और वंचित वर्गों की शिक्षा-रोजगार में भागीदारी बढ़ाने की मांग उठाई




भीम आर्मी (भारत एकता मिशन) के कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को बैतूल में रैली निकाली। उन्होंने सामाजिक न्याय, समान अवसर और वंचित वर्गों की भागीदारी समेत 24 सूत्री मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति के नाम जिलाधिकारी के माध्यम से ज्ञापन सौंपा। यह आंदोलन आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) और भीम आर्मी के देशव्यापी ‘संपूर्ण भागीदारी आंदोलन’ के तहत किया गया था। ज्ञापन में SC, ST, OBC और महिलाओं सहित अन्य वंचित वर्गों के लिए शिक्षा, रोजगार, राजनीति, प्रशासन और न्यायपालिका में उचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की मांग की गई है। कार्यकर्ताओं ने कहा कि आरक्षण को केवल आर्थिक आधार से जोड़ने के बजाय सामाजिक और शैक्षणिक पिछड़ेपन तथा अपर्याप्त प्रतिनिधित्व के संदर्भ में लागू किया जाना चाहिए। जातिगत जनगणना करवाने की मांग
24 सूत्री मांगों में OBC की वास्तविक आबादी का वैज्ञानिक आकलन करने के लिए जाति जनगणना में अलग कॉलम जोड़ने की मांग शामिल है। इसके साथ ही, लोकसभा और विधानसभाओं में OBC को उचित राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने तथा राज्यसभा और विधान परिषदों में SC, ST और OBC की प्रभावी भागीदारी देने की भी मांग की गई है। इसके अलावा, सरकारी सेवाओं में पदोन्नति में SC, ST और OBC को आरक्षण देने की बात कही गई है। केंद्र और राज्य सरकारों में आरक्षित वर्ग के सभी बैकलॉग पद तत्काल भरने और सरकारी ठेकों तथा खरीद में आरक्षण का लाभ देने की मांग भी की गई है। ज्ञापन में उच्च न्यायपालिका में SC, ST और OBC का प्रभावी प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की मांग भी रखी गई है। इसमें कॉलेजियम व्यवस्था खत्म कर उच्च न्यायिक आयोग के गठन की मांग भी शामिल है। OBC क्रीमी लेयर की आय सीमा की समीक्षा और मंडल आयोग की सिफारिशों को पूरी तरह से लागू करने की मांग भी की गई है। शिक्षा से जुड़ी मांगों में छात्रावासों का विस्तार और पात्र विद्यार्थियों को अच्छी सुविधा वाले आवास उपलब्ध कराने की बात कही गई है। उच्च शिक्षा संस्थानों में जातिगत भेदभाव रोकने के लिए संबंधित नियमों को प्रभावी ढंग से लागू करने की मांग भी इसमें शामिल है। स्थायी नियुक्ति देने की मांग की
भीम आर्मी ने सफाईकर्मियों की आउटसोर्सिंग व्यवस्था खत्म कर स्थायी नियुक्ति देने की मांग की। उन्होंने रिक्त पदों पर भर्ती, समान काम के लिए समान वेतन, सामाजिक सुरक्षा और अन्य कर्मचारी सुविधाएं देने की भी मांग की। ज्ञापन में सीवर और सेप्टिक टैंक की सफाई में इंसानों के प्रवेश को पूरी तरह बंद कर मशीनों से सफाई कराने की मांग भी शामिल है। कार्यकर्ताओं ने सीवर या सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान सफाईकर्मी की मृत्यु होने पर परिवार को 30 लाख रुपए मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और पुनर्वास देने की मांग रखी।

ज्ञापन में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण, SC, ST और OBC महिलाओं के लिए कोटे के अंदर कोटा, अल्पसंख्यक विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति तथा 2 अप्रैल 2018 के आंदोलन से जुड़े मामलों को वापस लेने सहित अन्य मांगें भी शामिल हैं।

कार्यकर्ताओं ने कहा कि ज्ञापन में रखी गई मांगें सामाजिक न्याय, समान अवसर और उचित प्रतिनिधित्व से जुड़ी हैं। उन्होंने राष्ट्रपति से संबंधित संवैधानिक संस्थाओं और केंद्र सरकार का ध्यान इन मांगों की ओर आकृष्ट कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की।



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