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भंडारी बोले-वसूली की राशि धर्मार्थ के काम में लेंगे:कहा- राजस्थान हाईकोर्ट के निर्देश के बाद मेहता से धोखाधड़ी मामले की जांच में तेजी की उम्मीद




राजस्थान हाईकोर्ट, जोधपुर द्वारा होटल व्यवसायी एवं समाजसेवी श्री कृष्ण कुमार मेहता से जुड़े लगभग 5.20 करोड़ की कथित धोखाधड़ी के मामले में जांच में तेजी लाने के निर्देश दिए जाने का स्वागत किया। राजस्थान एसोसिएशन ऑफ नॉर्थ अमेरिका (RANA), न्यूयॉर्क के अध्यक्ष, के.के. एवं चंद्रा मेहता फैमिली ट्रस्ट के चेयरमैन तथा जयपुर फुट USA के अध्यक्ष प्रेम भंडारी ने कहा कि न्यायालय के हस्तक्षेप से पीड़ित पक्ष को न्याय मिलने की आशा और मजबूत हुई है। न्यायालय ने जांच एजेंसी को अगली सुनवाई पर विस्तृत प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने तथा जांच अधिकारी को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहने का निर्देश दिया है। साथ ही न्यायालय ने स्पष्ट किया कि इतने गंभीर आर्थिक अपराध की जांच अनिश्चितकाल तक लंबित नहीं रह सकती और इसे शीघ्र पूरा किया जाना चाहिए। भंडारी बोले- धर्मार्थ काम में लिया जाएगा पैसा भंडारी ने कहा- जोधपुर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा पुलिस मुख्यालय (PHQ) से बार-बार चार्टर्ड अकाउंटेंट नियुक्त करने का अनुरोध किए जाने के बावजूद आज तक कोई नियुक्ति नहीं की गई। अब शिकायतकर्ता पक्ष स्वयं एक योग्य चार्टर्ड अकाउंटेंट उपलब्ध कराने के लिए तैयार है, ताकि तकनीकी जांच में किसी प्रकार की बाधा न आए। उन्होंने कहा कि राजस्थान हाईकोर्ट ने भी अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि यदि शिकायतकर्ता किसी चार्टर्ड अकाउंटेंट अथवा अन्य विशेषज्ञ की सहायता उपलब्ध कराता है, तो जांच एजेंसी आवश्यकता होने पर उसका उपयोग कर सकती है। भंडारी ने कहा कि पिछले लगभग दो वर्षों में जोधपुर पुलिस ने जांच के सिलसिले में अन्य राज्यों में जाकर साक्ष्य जुटाने अथवा संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ के लिए कोई टीम नहीं भेजी। यदि जांच एजेंसी चाहे तो शिकायतकर्ता यात्रा एवं अन्य आवश्यक व्यय वहन करने के लिए भी तैयार है। उन्होंने कहा कि कई मामलों में जांच को गति देने के लिए शिकायतकर्ता से इस प्रकार का सहयोग लिया जाना सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा होता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि इस मामले में धोखाधड़ी की राशि की वसूली होती है तो उसका उपयोग पूर्णतः जनहित एवं धर्मार्थ कार्यों में किया जाएगा। भंडारी ने कहा-मामला प्रवासी भारतीयों के बीच गलत मैसेज देता है भंडारी ने कहा कि यह मामला प्रवासी भारतीयों के बीच गलत संदेश देता है। एक ओर राजस्थान सरकार और विभिन्न सरकारी एजेंसियां एनआरआई एवं प्रवासी भारतीयों को राजस्थान में निवेश करने के लिए आमंत्रित करती हैं, वहीं दूसरी ओर यदि ऐसे मामलों में वर्षों तक प्रभावी कार्रवाई नहीं होती तो इससे प्रवासी निवेशकों का विश्वास कमजोर पड़ता है। उन्होंने बताया कि श्री कृष्ण कुमार मेहता 23 वर्षों तक राजस्थान फाउंडेशन (USA) ( राजस्थान सरकार )के अध्यक्ष रहे हैं तथा वर्तमान में जयपुर फुट USA के सलाहकार हैं। उनके परिवार के के.के. एवं चंद्रा मेहता फैमिली ट्रस्ट, जिसके चेयरमैन प्रेम भंडारी हैं, ने कोविड-19 महामारी के दौरान राजस्थान पुलिस सहित अनेक सरकारी संस्थाओं को ऑक्सीजन कंसंट्रेटर उपलब्ध कराए तथा राजस्थान पुलिस के लिए मास्क खरीदने हेतु आर्थिक सहयोग भी प्रदान किया था। उन्होंने यह भी बताया कि राजस्थान हाईकोर्ट में श्री कृष्ण कुमार मेहता की ओर से अधिवक्ता श्री विशाल शर्मा ने प्रभावी रूप से पक्ष रखा।



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