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भव्य स्कीम से एमपी को मिलेंगे 11 नए औद्योगिक क्षेत्र:₹8,144 करोड़ का होगा निवेश, महिला कर्मचारियों के लिए विशेष सुरक्षा और व्यवस्थाएं होंगी




मध्य प्रदेश को देश का प्रमुख औद्योगिक और निवेश हब बनाने की दिशा में मोहन सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास एवं कार्यान्वयन ट्रस्ट (NICDIT) की तीसरी एपेक्स मॉनिटरिंग अथॉरिटी की बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मप्र के विकास का रोडमैप शेयर किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार की ‘भव्य’ (BHAVYA) योजना के तहत मध्य प्रदेश में 11 नए आधुनिक औद्योगिक पार्क विकसित करने का बड़ा प्रस्ताव रखा। इन महत्वाकांक्षी परियोजनाओं की कुल लागत 8,144.35 करोड़ रुपये है, जिससे राज्य के 9 हजार एकड़ से अधिक क्षेत्र की सूरत बदल जाएगी। संतुलित विकास और रोजगार पर फोकस मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक में बताया कि इन 11 औद्योगिक पार्कों को राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों में इस तरह तैयार किया जा रहा है ताकि औद्योगिक विकास का लाभ पूरे मध्य प्रदेश को समान रूप से मिल सके। इन पार्कों में निवेश के लिए ‘प्लग-एंड-प्ले’ यानी पहले से पूरी तरह तैयार बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे कंपनियां आते ही अपना काम शुरू कर सकेंगी। इससे राज्य में बड़े पैमाने पर नए निवेश के साथ-साथ प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के लाखों अवसर पैदा होंगे। इन 11 शहरों को मिलेगी नई सौगात प्रस्तावित योजना के तहत जिन शहरों में ये इंडस्ट्रियल पार्क विकसित किए जाएंगे, उनमें उज्जैन (अवंतिका इंडस्ट्रियल सेंटर), धार (भेंसोला), देवास-शाजापुर (पिपलरावांन-पालीकालन), रतलाम-पलसोड़ी, सीहोर (आष्टा इंडस्ट्रियल क्लस्टर), सागर (मसवासी ग्रांट), गुना (चैनपुरा), ग्वालियर (मोहना), जबलपुर (धरमपुरा), कटनी (सिमरा) और रीवा (शिवसागर) शामिल हैं। विशेष बात यह है कि धार के भेंसोला में बनने वाले पार्क को एक विशेष ‘टेक्सटाइल पार्क’ के रूप में विकसित किया जाएगा, जो वहां पहले से मौजूद देश के सबसे बड़े ‘पीएम मित्रा पार्क’ का विस्तार होगा। इसके अलावा अन्य पार्कों में फार्मा, ऑटोमोबाइल, रिन्यूएबल एनर्जी, सेमीकंडक्टर और आईटी (IT ITeS) जैसे उभरते हुए क्षेत्रों को बढ़ावा दिया जाएगा। कामकाजी महिलाओं की सुरक्षा और सुविधा को प्राथमिकता मोहन सरकार ने इस औद्योगिक विकास में महिला शक्ति की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष जोर दिया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि इन औद्योगिक क्षेत्रों में महिला कर्मचारियों के लिए पूरी तरह सुरक्षित और अनुकूल माहौल तैयार किया जाएगा। इसके तहत सीसीटीवी निगरानी, डे-केयर सेंटर, स्वास्थ्य सुविधाएं, आधुनिक कैंटीन और विशेष हॉस्टल की सुविधाएं विकसित की जा रही हैं, ताकि महिलाएं बिना किसी चिंता के काम कर सकें। केंद्रीय मंत्रियों की मौजूदगी में विजन की सराहना केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में हुई इस उच्च स्तरीय बैठक में केंद्रीय वाणिज्य व उद्योग मंत्री पीयूष गोयल, केंद्रीय जहाजरानी मंत्री सर्बानंद सोनोवाल और नीति आयोग के उपाध्यक्ष अशोक कुमार लाहिड़ी समेत देश के कई राज्यों के मुख्यमंत्री और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक में मध्य प्रदेश की इन योजनाओं और औद्योगिक कॉरिडोर के विस्तार के विजन की सराहना की गई। केंद्र और राज्य सरकार के इस आपसी तालमेल से मध्य प्रदेश में औद्योगिक निवेश की परियोजनाओं को जल्द से जल्द धरातल पर उतारने का रास्ता साफ हो गया है।



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