चंडीगढ़ | आयुष्मान, हिमकेयर समेत हेल्थ स्कीम्स के तहत पीजीआई में इलाज कराने वाले मरीजों के लिए प्रबंधन ने नियम सख्त किए हैं। पैकेज की तय सीमा खत्म होने के बावजूद मरीज को जरूरी इलाज से वंचित नहीं किया जा सकेगा। पैकेज से बाहर महंगे इंप्लांट की जरूरत पड़ने पर मंजूरी लेनी होगी। कैशलेस मरीजों को दवा, कंज्यूमेबल और इंप्लांट केवल अधिकृत संस्थागत व्यवस्था से उपलब्ध कराए जाएंगे। कर्मचारी प्रतिनिधि या वेंडर मरीज अथवा अटेंडेंट से सीधे पैसे नहीं ले सकेंगे। नकद भुगतान जरूरी होने पर अधिकृत माध्यम से बिल या रसीद देना अनिवार्य होगा। प्रबंधन ने भारतीय और जेनरिक ब्रांड को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं।
Source link
महंगे इंप्लांट पर लेनी होगी मंजूरी, सीधे पैसे लेने पर रोक
