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भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) युवा मोर्चा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता सुखमिंदरपाल सिंह ग्रेवाल भुखड़ी कलां ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे दिया है। पिछले तीन दशकों से अधिक समय तक संगठन की सेवा करने वाले ग्रेवाल के इस फैसले से पंजाब भाजपा के सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है। उन्होंने अपना इस्तीफा भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को भेजा है, जिसे पंजाब भाजपा अध्यक्ष सरदार केवल सिंह ढिल्लों के माध्यम से प्रेषित किया गया है। अपने त्यागपत्र में ग्रेवाल ने स्पष्ट किया कि वह अत्यंत पीड़ा, गहरी निराशा और आहत अंत:करण के साथ पार्टी छोड़ रहे हैं। उन्होंने लिखा कि उनका यह निर्णय किसी व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा या तात्कालिक आवेश का परिणाम नहीं है, बल्कि लंबे समय तक किए गए आत्ममंथन और गहरे मानसिक कष्ट के बाद लिया गया एक कठिन फैसला है। तीन दशकों के समर्पण और संघर्ष का जिक्र ग्रेवाल ने अपने तीन दशक लंबे सफर को याद करते हुए लिखा कि उन्होंने वर्ष 1992 में भाजपा का दामन उस दौर में थामा था, जब पंजाब में पार्टी के साथ खड़े रहने के लिए अदम्य साहस, समर्पण और त्याग की आवश्यकता थी। पिछले 30 से अधिक वर्षों में उन्होंने अपनी व्यक्तिगत, पारिवारिक और पेशेवर जिम्मेदारियों को पीछे रखते हुए हमेशा संगठन को सर्वोपरि माना। ‘जमीनी कार्यकर्ता आज उपेक्षित और निराश’ पत्र में पंजाब भाजपा की वर्तमान कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाते हुए ग्रेवाल ने कहा कि अब यह वह संगठन नहीं रह गया है जिसने कभी हजारों समर्पित कार्यकर्ताओं को प्रेरित किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी में अब समर्पण, सम्मान, त्याग और वैचारिक निष्ठा जैसे मूल सिद्धांतों का लगातार ह्रास हो रहा है। वर्षों तक खून-पसीना बहाकर संगठन को खड़ा करने वाले जमीनी कार्यकर्ता आज स्वयं को पूरी तरह से उपेक्षित, अनसुना और ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। आंतरिक माहौल पर चिंता और आगामी रणनीति ग्रेवाल ने कहा कि पार्टी के प्रति निष्ठावान कार्यकर्ताओं का मनोबल बुरी तरह टूट चुका है, जो संगठन के भविष्य के लिए बेहद चिंताजनक है। पंजाब की कठिन से कठिन राजनीतिक परिस्थितियों में भी उन्होंने कभी ऐसा निराशाजनक आंतरिक माहौल नहीं देखा था। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उचित समय आने पर वह अपने अनुभवों और इस्तीफे के पीछे की मुख्य वजहों का खुलासा सार्वजनिक रूप से करेंगे।
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भाजपा के राष्ट्रीय नेता सुखमिंदरपाल सिंह ग्रेवाल ने छोड़ी पार्टी:बोले- महत्वाकांक्षा में निराशाव पीड़ा में लिया फैसला, कार्यकर्ताओं का सम्मान और विचारधारा कमजोर हुई
