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भाजपा के मुख्य प्रवक्ता एवं सुंदरनगर विधायक राकेश जम्वाल ने आज राहुल गांधी द्वारा मध्य प्रदेश में शिक्षक भर्ती के पद बढ़ाने को लेकर मुख्यमंत्री को लिखे पत्र पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को दूसरे राज्यों में रोजगार की चिंता करने से पहले हिमाचल प्रदेश के बेरोजगार युवाओं की सुध लेनी चाहिए। जम्वाल ने कहा कि हिमाचल में कांग्रेस सरकार ने विधानसभा चुनाव के दौरान युवाओं को पांच लाख सरकारी रोजगार देने की गारंटी दी थी, लेकिन सत्ता में आने के बाद इस वादे पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश सरकार के हाईकोर्ट में दाखिल हलफनामे के अनुसार 1,07,466 सरकारी पद खाली हैं। इसके बावजूद लंबे समय से रिक्त पड़े पदों को समाप्त करने की नीति अपनाई जा रही है। रोजगार के मुद्दे पर कितनी बार सवाल किया
जम्वाल ने सवाल किया कि जब प्रदेश में एक लाख से अधिक सरकारी पद खाली हैं और युवा रोजगार की तलाश में हैं तो इन पदों पर भर्ती क्यों नहीं की जा रही। राहुल गांधी ने हिमाचल सरकार से रोजगार के मुद्दे पर कितनी बार सवाल किया है, इसका जवाब भी उन्हें देना चाहिए। राहुल गांधी नेताओं से पूछें- वादा कहां गया?
राकेश जम्वाल ने कहा कि कांग्रेस ने युवाओं को स्थायी और नियमित रोजगार देने का वादा किया था, लेकिन आज उन्हें ‘पशु मित्र’, ‘वन मित्र’ और ‘रोगी मित्र’ जैसे नामों से कम मानदेय वाली अस्थायी व्यवस्थाओं में रखा जा रहा है। युवाओं को नियमित नौकरी, उचित वेतन और सुरक्षित भविष्य चाहिए। कांग्रेस के नेताओं ने युवाओं को 58 वर्ष तक नियमित नौकरी देने का भरोसा भी दिया था। अब राहुल गांधी को अपनी ही पार्टी के नेताओं से पूछना चाहिए कि वह वादा कहां गया। CM सुक्खू को पत्र लिखकर जवाब मांगें
उन्होंने कहा कि यदि राहुल गांधी वास्तव में युवाओं की आवाज उठाना चाहते हैं तो उन्हें हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को पत्र लिखकर पांच लाख रोजगार की गारंटी, 1,07,466 खाली पदों और समाप्त किए जा रहे पदों पर जवाब मांगना चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि दूसरों के घर में रोजगार का हिसाब मांगने से पहले राहुल गांधी अपने घर यानी हिमाचल की कांग्रेस सरकार से रोजगार का हिसाब मांगें।
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भाजपा MLA बोले- हिमाचल के बेरोजगारों की चिंता करें राहुल:1.07 लाख सरकारी पद खाली, फिर भी भर्ती नहीं; राकेश जम्वाल ने उठाया सवाल
