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भिवाड़ी-सिकंदरा मेगा हाईवे (200 फीट रोड) पर जिम्मेदार विभागों की लापरवाही सामने आई है। नमन होटल से सदर थाना की ओर जाने वाली करीब एक किलोमीटर लंबी साइड रोड को एक से दो फीट तक खोदकर पिछले एक महीने से खुला छोड़ दिया गया है। यही नहीं हाईवे पर न तो सुरक्षा के लिए बेरिकेडिंग की गई है और न ही किसी तरह के चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं। बारिश के मौसम में वाहन चालकों के लिए यह रास्ता जानलेवा साबित हो रहा है। यहां 3 दिन में 2-3 वाहन फंस चुके हैं। अगर बारिश अधिक होती है तो वाहन चालकों के लिए खतरा बढ़ सकता है। कई हादसों के बाद भी नहीं खुली प्रशासन की नींद बारिश होने पर गड्ढों में पानी से भर जाता है, जिससे सड़क और गड्ढे का अंतर नजर नहीं आता। पानी भरने के कारण चालकों को गड्ढों की गहराई का अंदाजा नहीं होता, जिससे अनियंत्रित होकर वाहन सीधे गड्ढों में जा गिरते हैं। अब तक दो से तीन बड़े हादसे हो चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद भी प्रशासन और संबंधित ठेकेदार की नींद नहीं खुली है। जबकि नियमानुसार किसी भी मुख्य सड़क पर इस तरह के निर्माण या खुदाई के दौरान पूरे इलाके को बेरिकेडिंग से कवर करना और चेतावनी बोर्ड लगाना अनिवार्य होता है, मगर यहां नियमों को पूरी तरह ताक पर रख दिया गया है। पीड़ितों और स्थानीय निवासियों का दर्द: ऑटो चालक दीपक वर्मा ने बताया कि दो-तीन दिन पहले मेरा टैंपो सीधे खुदे हुए गड्ढे में घुस गया था। एक दिन पहले एक बड़ी गाड़ी भी यहां फंस गई थी। बारिश का पानी भरते ही सड़क और गड्ढे का अंतर खत्म हो जाता है। पिछले एक महीने से यह रोड ऐसे ही खुदा पड़ा है। रात के समय तो स्थिति और भयावह हो जाती है क्योंकि कई बार रोडलाइट्स भी बंद रहती हैं। वंडर सोसायटी के निवासी विनय कुमार ने बताया कि स्थानीय स्तर पर कोई सुनने वाला नहीं है। बारिश के मौसम में इस तरह रोड तोड़कर छोड़ देना सीधे तौर पर लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ है। हादसों का इंतजार करने के बजाय प्रशासन को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।
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भिवाड़ी-सिकंदरा हाईवे पर 1KM तक गड्ढे, लगातार हो रहे हादसे:ना ही बेरिकेडिंग की, ना ही चेतावनी बोर्ड लगाए; रोडलाइट्स भी बंद
